रांचीः भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो मेंबर और झारखंड में एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा समेत उसके दो हार्ड कोर सहयोगियों को 14 दिनों के लिए रिमांड पर लिया गया है.
राज्यों और केंद्रीय जांच एजेंसी इन तीनों से पूछताछ करने की तैयारी में है.
मिसिर बेसरा पर झारखंड के अलावा ओडिशा की सरकार ने भी 1.20 करोड़ का इनाम रखा था.
बेसरा के साथ 15 लाख रुपए का इनामी मोछू मुर्मू उर्फ मेहनत और गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा को भी धनबाद की एक अदालत ने 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है.
गुरुवार को धनबाद पुलिस द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने रिमांड की मंजूरी दी.
जानकारी के मुताबिक झारखंड पुलिस के अलावा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ की पुलिस पूछताछ कर सकती है. इनके अलावा एनआईए और सीआरपीएफ भी इन माओवादियों से उनकी गतिविधियों, हथियारों की आपूर्ति, हिंसक घटनाओं, वित्तीय नेटवर्क, दूसरे राज्यों में सक्रियता के बारे में पूछताछ करेगी.
गौरतलब है कि 28 जुलाई को ‘ऑपरेशन दौरा पहाड़’ के तहत झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन ने मिसर बेसरा और उसके सहयोगियों को उस समय पकड़ा गया, जब वे एक टाटा मैजिक वाहन में सवार होकर गिरिडीह जा रहे थे.
गिरफ्तार किए गए नक्सलियों के कब्जे से पुलिस ने तीन एके 47 राइफलें, 8 मैगजीन और 288 गोलियां बरामद की है. सुरक्षा बलों के लिए इसे झारखंड में माओवादी संगठन के खिलाफ अब तक की सबसे अहम और सफल कार्रवाई मानी जा रही है.
