रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन जोर पकड़ता जा रही है. इसी सिलसिले में शुक्रवार को छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडियम से कैंडल मार्च निकाला. यह मार्च अलबर्ट एक्का चौक तक गया.
दो दिनों पहले भी छात्रों ने स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक विरोध मार्च निकाला था.
बारिश के बावजूद राज्य के अलग-अलग जिलों से से बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे, जहां से अल्बर्ट एक्का चौक तक कैंडल मार्च निकालकर सरकार और आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. छात्र कई दिनों से जयपाल सिंह स्टेडियम परिसर में धरना पर बैठे हैं. इससे पहले मोराबादी के बापू वाटिका में धरना दिया जा रहा था.
जेपीएसी परीक्षा की सीबीआइ जांच पर जोर
जेपीएससी की परीक्षाओं की जारी सीआइडी जांच के बीच प्रदर्शनकारी छात्र जेपीएससी की 14वीं परीक्षा रद्द करने और सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं. सीआइडी ने इस मामले में गलत तरीके से पीटी पास करने वाले एक अभ्यर्थी समेत 11 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है. इनमें आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय तिवारी भी शामिल हैं. दूसरी तरफ जेपीएससी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने वाले एल ख्यांगते से अब तक सीआइडी ने तीन बार लंबी पूछताछ की है.
योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़
प्रदर्शनकारियों का का आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है. उनका कहना है कि 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है. वहीं, कई वर्षों बाद आयोजित एलडीसी और आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) भर्ती परीक्षा रद्द होने से भी अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है.
सरकार के खिलाफ नारेबाजी
मार्च के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया. अभ्यर्थियों ने 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित करने की मांग की छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं का नया कैलेंडर जारी करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की.
पूरी तरह गैर राजनीतिक
प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपनी व्यक्तिगत परेशानियां भी साझा कीं. उनका कहना था कि लंबे समय से नौकरी नहीं मिलने के कारण उनका पारिवारिक और मानसिक जीवन प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि उनका समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगना चाहिए, लेकिन वे अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं.
छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और वे किसी भी राजनीतिक दल को अपने आंदोलन का मंच नहीं बनने देंगे. उन्होंने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि युवाओं की आवाज नहीं सुनी गई तो बड़े दायरे का आंदोलन किया जाएगा.
कैंडल मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बलों की तैनाती की गई थी. पुलिसकर्मी जुलूस के आगे और पीछे तैनात रहे, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.
