भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दो दिवसीय़ दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई.
बेल्जियम के प्रधानमंत्री के साथ वहां के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकेन और अधिकारियों और बिजनेस लीडर्स का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है. फरवरी 2025 में पद संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री डी वेवर का पहला भारत दौरा है.
उन्होंने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के निरंतर विस्तार और द्विपक्षीय व्यापार में क्षेत्रों के बढ़ते विविधीकरण का स्वागत किया और अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से साझा हित के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के अपने दृढ़ संकल्प को व्यक्त किया.
दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर को सेंटर में रखकर सुधार वाले और प्रभावी बहुपक्षवाद की अपनी बात दोहराई. इसके साथ ही उन्होंने खास तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की तुरंत जरूरत पर जोर दिया. बेल्जियम ने सुधार वाली और बड़ी यूएनएससी की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी को फिर से अपना समर्थन दिया.
दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-बेल्जियम संबंधों के लिए भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी की अहमियत की फिर से पुष्टि की. भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के मकसद से ईयू-भारत निवेश संरक्षण समझौता और भौगोलिक संकेत पर समझौते को लेकर बातचीत को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई. इसके साथ ही दोनों नेताओं ने इसे समय पर लागू करने की मांग भी की.
दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-ईयू व्यापार और तकनीकी काउंसिल के तहत हुई अहम तरक्की का स्वागत किया. इसमें जुलाई 2026 में ब्रसेल्स में हुई इसकी मिनिस्टीरियल मीटिंग भी शामिल है, जिसका मकसद ज्यादा एकीकृत, मजबूत और टिकाऊ आर्थिक और तकनीकी साझेदारी बनाना है. दोनों पक्षों ने 2030 के लिए संयुक्त भारत-ईयू व्यापक रणनीतिक एजेंडा का भी समर्थन किया. इसका मकसद भारत-ईयू सहयोग को बड़ा और गहरा करके रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है.
