जमशेदपुर. महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग और अनुशासनहीनता के आरोप में 17 सीनयर छात्रों को हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है. साथ ही 15 दिनों तक क्लास करने पर रोक के अलावा 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
कॉलेज के जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आने के बाद, प्रशासन और एंटी-रैगिंग कमेटी ने 17 छात्रों को दोषी पाया है. इनमें 2024 बैच के 14 और 2025 बैच के 3 छात्र हैं.
जांच के दौरान हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गये. इसमें पाया गया कि रात 12 से 2 बजे के बीच सीनियर छात्र जबरन जूनियर हॉस्टल में घुसे थे, उन्होंने दरवाज़ों को ज़ोर से खटखटाया और अंदर घुसने की कोशिश की.
नियमों के मुताबिक, सीनियर्स का जूनियर्स विंग में जाना पूरी तरह मना था. वहां होमगार्ड भी तैनात थे, लेकिन इन छात्रों ने किसी की नहीं सुनी. मामले की जांच रिपोर्ट नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को भेज दी गयी है.
एनएमसी में शिकायत के बाद जांच
रैगिंग के मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के पास शिकायत की गयी थी. वहां से ऑडियो सबूत और निर्देश मिलने के बाद कॉलेज और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया. शनिवार और रविवार को जांच कमेटी ने जूनियर व सीनियर बैच के छात्रों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की. उनके परिजनों को भी बुलाया गया. छात्रों व उनके परिजनों को समझाया गया कि यह उनकी पहली और आखिरी राहत है. यदि इसके बाद एक भी ऐसी हरकत सामने आयी, तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी और कोई रियायत नहीं मिलेगी.
दोषी 17 छात्रों पर कार्रवाई
- सभी दोषी 17 छात्रों को तुरंत हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया. उनके माता-पिता को बुलाकर सारा सामान समेटने को कहा गया है.
- हर दोषी छात्र पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया गया है. यह रकम 3 दिनों के भीतर कॉलेज के सरकारी खाते में जमा करानी होगी.
- 2024 बैच के 14 छात्रों को अगले 15 दिनों तक किसी भी क्लास में बैठने की इजाजत नहीं होगी.
- 2024 बैच के ये छात्र 8 अक्तूबर से शुरू होने वाली तीसरी सामयिक परीक्षा में नहीं बैठ पायेंगे.
- 2025 बैच के जिन 3 छात्रों ने हाल ही में यूनिवर्सिटी की परीक्षा दी थी, कोल्हान यूनिवर्सिटी को उनका रिजल्ट रोकने का निर्देश भेजा गया है.
- दोषी पाये गये छात्र अगले दो साल तक किसी भी कॉम्पिटिशन में MGM कॉलेज का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकेंगे.
अगली बार पकड़ाये, तो आपराधिक मुकदमा
इस मामले में NMC के नियमों के तहत FIR दर्ज करायी जा सकती थी, लेकिन कमेटी ने यह फैसला लिया कि छात्र पढ़ने-लिखने वाले हैं और क्रिमिनल केस होने पर उनका करियर प्रभावित हो सकता है. इस कारण उन्हें सुधार का मौका देते हुए अकादमिक सजा दी गयी है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जूनियर बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है. जूनियर हॉस्टल के पास 24 घंटे होमगार्ड की तैनाती रहेगी. रात के वक्त एंटी-रैगिंग फ्लाइंग स्क्वॉड और स्थानीय थाना पुलिस सरप्राइज पेट्रोलिंग करेगी. हॉस्टल में जिस स्थान पर कैमरा नहीं है, वहां एक शिकायत पेटी लगायी गयी है, ताकि नये छात्र बिना किसी डर के अपनी शिकायत लिखकर डाल सकें.
