रांचीः धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित गाली-गलौज, धमकी के मामले में जेएलकेएम के प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो से पहले माफी मांगने और फिर गिरफ्तारी की मांग कर रही झारखंड पुलिस एसोसिएशन की अलग-अलग शाखाओं को जयराम महतो ने एक बार फिर तल्खियों के साथ जवाब दिया है.
अलबत्ता विधायक इस बात पर अड़े हैं कि वे माफी मांगने वाले नहीं. उन्होंने पुलिस एसोसिशन से कहा है कि विधायकी दांव पर लेकर चलता हूं. सबकी डेटा जुटा रहा हूं. हमारे लाइव अथवा प्रेस कांफ्रेंस का इंतजीर कीजिये.
एक्स पर एक पोस्ट में विधायक ने कहा है, “प्रिय एसोसिएशन वालों, पुनः एक बात कहना चाहेंगे— जो ईमानदार हैं, उनको हमारा नमस्कार है, चाहे वह चपरासी, सिपाही, अधिकारी या जमादार है. लेकिन जो करते भ्रष्टाचार हैं, उनसे होगी लड़ाई आर पार है.. एसोसिएशन वालों, प्रेस कॉन्फ्रेंस-कॉन्फ्रेंस खेल रहे हो आप, चलो ठीक है, पर कम से कम एक ऐसे विधायक के खिलाफ कॉन्फ्रेंस कर रहे हो, जो विधायकी दांव पर लेकर चलता है. कॉन्फ्रेंस में जो पदाधिकारियों को बैठा रहे हो मीडिया के सामने, उनका चरित्र साफ-सुथरा होना चाहिए. ईमानदार छवि के लोगों को कॉन्फ्रेंस के लिए बैठाओ, लेकिन तुमने बोकारो जिला में जिन अधिकारियों को कॉन्फ्रेंस कराया, उनमें से आधे के अकाउंट सीआईडी ने फ्रीज कर दिया है ट्रेजरी घोटाले के मामले में.”
जयराम ने आरोप लगाया है, “एक अधिकारी ने अपने बेटे की शादी में एक महिला की कथित हत्या की है. एक अधिकारी ने बालीडीह में आदिवासी की जमीन हड़प ली है. एक अधिकारी ने एक रेलवे के पदाधिकारी की अर्धांगिनी को जबरन अपना बना लिया है. एक अधिकारी ने दो किलो मांस के लिए खून-खराबा किया है. और सबसे खास बात, जमशेदपुर का एक केस आया है प्रकाश में. अगर वो केस सबके सामने आ गया ना तो तुम्हारी पाँव तले जमीन खिसक जाएगी, बस इतना जान लो पॉक्सो एक्ट नार्को टेस्ट. प्रेस कांफ्रेंस करो, हम डेटा इकट्ठा कर रहे हैं. मेरे लाइव आने या प्रेस कॉन्फ़्रेंस का इंतज़ार कीजिए. पुनः कर्तव्यनिष्ठ निष्ठावान कर्मचारियों-अधिकारियों को नमस्कार जोहार.
वायरल ऑडियो पर विवाद बढ़ा
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष और डुमरी से विधायक जयराम कुमार महतो का धनबाद में बरवाअड्डा के थाना प्रभारी को कथित तौर पर गाली-गलौज से जुड़े एक कथित ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह विवाद तूल पकड़ता जा रहा है.
झारखंड पुलिस एसोसिएशन की बोकारा, धनबाद, रांची समेत कई शाखा लगातार प्रेस कांफ्रेंस कर जयराम महतो से माफी मांगने और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. दूसरी तरफ जयराम की पार्टी के कार्यकर्ता और उनके समर्थक खुलकर विधायक के साथ खड़े हैं. सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की झड़ी लगी है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत बीजेपी के कई विधायकों ने माफी मांगने के सवाल को गलत ठहराया है.
जयराम का दावा है, “वह ऑडियो आधा से ज्यादा एडिटेड है. थाना प्रभारी के साथ बस हॉट टॉक हुआ है”.
जयराम समेत 10 लोगों पर एफआईआर
बरवाअड्डा थाना में 21 अगस्त को डुमरी विधायक और उनके समर्थकों और बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत पर विधायक जयराम महतो समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
इन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है.
बाकी नौ लोगों में दिलीप चौधरी, सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, रंजीत कुमार, राजेश महतो शामिल हैं. साथ ही 4-50 लोग अज्ञात हैं.
थाना प्रभारी ने शिकायत में कहा है कि दिलीप चौधरी ने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर हिरासत में लिए गए गणेश दास को पुलिस द्वारा पीटने की झूठी अफवाह फैलाकर थाने में भीड़ जुटाई. ये लोग थाना के अंदर घुसे और हो-हंगामा किया.
क्यों गिरफ्तार किए गए थे गणेश दास
पुलिस का कहना है कि बड़ाछिपरी निवासी जेएलकेएम का कार्यकर्ता गणेश दास पर मुखिया यशोदा देवी का फर्जी हस्ताक्षर कर जाति, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली बनाने का आरोप है.
मुखिया ने गणेश दास के खिलाफ प्गराथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने गणेश दास को पकड़कर हाजत में डाल दिया.
आरोप है कि इस बीच गणेष दास की पैरवी करने पहुंचे जयराम महतो और मुखिया के समर्थकों के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट की घटना हुई. इसमें मुखिया पुत्र घायल हो गए.
अग्रिम जमानत याचिका
एफआईआर दर्ज होने के बाद जययराम महतो ने धनबाद सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. विधायक के साथ तीन अन्य आरोपियों सुशील मंडल उर्फ सुशील कुमार, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने भी अपनी अग्रिम जमानत की अर्जी दी है.
जयराम की अग्रिम जमानत याचिका को सोमवार को एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट में सुनवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया गया है. इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी.
