पटनाः आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा सोमवार को पटना पहुंचीं. यहां उन्होंने बेऊर केंद्रीय कारागार में बंद सभी गिरफ्तार साथियों और छात्र नेताओं से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान उन्हें छात्रों ने पुलिस की कथित ज्यादती की जानकारी दी.
नेहा ने जेल के अधिकारियों से भी बातें की. डीजीपी से मिलकर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई रोकने की मांग की.
बिहार छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में आइसी की राष्ट्रीय नेहा ने बिहार के डीजीपी से भी मिलकर ज्ञापन सौंपा. उन्होंने-मंतर समझौते को लागू करने, छात्रों और आंदोलनकारियों पर हो रहे दमन व गिरफ्तारियों को तत्काल रोकने, सभी गिरफ्तार साथियों की रिहाई तथा दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की.
नेहा के साथ काराकाट से माले के विधायक अरुण, आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा के अलावा शिव प्रकाश रंजन एवं कॉमरेड कुमार परवेज़ भी डीजीसे से मिलने वालों में शामिल थे.
इसके बाद पटना में उन्होंने आइसा और आरएवाई के प्रतिनिधियों के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ दो और भी मांगें रखी गई थी. इसमें यह भी शामिल था कि देश के किसी भी हिस्से में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाए. लेकिन समझौते के उलट बिहार, बंगांल, मुंबई, असम में कार्रवाईयां की जा रही हैं.
नेहा ने कहा कि सीवान में पुलिस के द्वारा एके 47 से गोली चलाने की जानकारी मिली है. यह गलत है.
नेहा ने कहा, अगर बिहार में गिरफ्तार किए गए छात्रों की रिहाई नहीं हुई तो यहां भी दिल्ली के जंतर मंतर जैसा नजारा होगा.
जरूरत पड़ी तो जंतर-मंतर जैसी भीड़..
उन्होंने सरकार को 29 जुलाई तक का समय देते हुए सभी प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई और मुकदमे वापस लेने की मांग की. साथ ही कहा कि अगर सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं उठाए तो 30 जुलाई को बिहार भर में व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो जंतर-मंतर जैसी भीड़ बिहार की सड़कों पर भी उतरेगी.
नेहा ने बिहार के बारे में बताया किन- किन जिलों में कितने छात्रों की गिरफ्तारियां की गई हैं. नेहा बोरा ने बताया कि बंद छात्रों ने उन्हें पुलिस कार्रवाई के दौरान दुर्व्यवहार किए जाने की जानकारी दी. छात्रों का कहना था कि पुलिस का व्यवहार बेहद गलत था और उनके साथ अनुचित तरीके से पेश आया गया.
उन्होंने कहा कि बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बयान सामने आया है कि गुंडा एक्ट के तहत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह उचित नहीं है.
तेजप्रताप और शांतनु शेखर से भी मिलीं
नेहा बोरा ने कहा, “वह लगातार छात्र नेताओं को रिहा करने के लिए अपनी लीगल टीम से बात कर रही हैं. बेऊर जेल में जेजेडी प्रमुख तेजप्रताप यादव और पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर से भी मुलाकात की. मैं तेजप्रताप की रिहाई की भी कोशिश कर रही हूं.”
नेहा बोरा ने बताया, “जेल में वैसे छात्र ही मौजूद थे, जो प्रदर्शन में शामिल तक नहीं थे. जब वह अपने साथियों से मिली तो उनसे सबा आफरीन ने कहा कि जब मुझे पुलिस उठा रही थी तो उन्होंने मुझे धमकी दी की मौके पर ही एनकाउंटर कर देंगे.”
