रांचीः बिहार की पूर्व मंत्री और बीजेपी की विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा है कि विपक्ष के लोग आधी आबादी को सिर्फ नारों तक ही सीमित रखना चाहते हैं. संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल उन्होंने गिराया है, लेकिन इससे कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता देश की महिलाओं की नजरों में गिर गए हैं.
रांची में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ बीजेपी ऑफिस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में श्रेयसी सिंह ने कहा कि विपक्ष के लोग नहीं चाहते कि आधी आबादी की महिला सशक्तिकरण राजनीतिक भागीदारी में बदले.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद में साफ कहा कि यह क्रेडिट लेने का विषय नहीं है. यह लोकतंत्र है. केवल बीजेपी या एनडीए की महिला ही चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि देश की सभी महिलाओं के लिए समान रूप से आरक्षण का लाभ मिलेगा. जबकि विपक्ष के लोग कुतर्क देकर इन लोगों ने वोटिंग से इनकार कर दिया.
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार कुतर्क कर रहा है. 2029 में यह विधेयक लागू नहीं हो इसका उन्होंने पूरा प्रयास किया.
झारखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा, “जुमलेबाजी वाली सरकार मईयां योजना चला रही है. लेकिन जब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ती हुई दिखती है तो झामुमो , कांग्रेस , राजद सहित विपक्ष के लोगों को यह हजम नहीं होता है. महिला अच्छी नेता बने, उनको प्रतिनिधित्व मिले, यह विपक्ष को गंवारा नहीं है. इनका दोहरा चरित्र उजागर हो चुका है.”
