गुमलाः झारखंड के आदिवासी बहुल गुमला जिले रायडीह प्रखंड के नवागढ़ बैगाटोली निवासी मलकन बैगा (65) की कब्र खोदकर कंकाल निकाला गया है. मलकन बैगा की चार साल पहले मौत हुई थी. अब जाकर उनकी बेटी ने हत्या का मामला दर्ज कराया है.
हत्या की आशंका में पुलिस ने कब्र से शव निकालकर जांच शुरू की है.
मंगलवार को रायडीह पुलिस ने मैजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खोदकर मलकन बैगा का कंकाल बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेजा.
हालांकि सालों पहले के नर कंकाल होने के कारण सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम संभव नहीं हो सका. अब कंकाल को पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच के लिए रांची रिम्स भेजा जाएगा.
2022 में हुई थी मौत, अब प्राथमिकी
जानकारी के अनुसार, मलकन बैगा की मौत सात जून 2022 को हुई थी और उसी समय उसका शव दफन कर दिया गया था. करीब चार वर्ष बाद, 13 जुलाई 2026 को मृतक की पुत्री उर्मिला देवी (35) ने रायडीह थाना में 9 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई.
प्राथमिकी में नवागढ़ बैगाटोली निवासी दीपक बैगा, गंगा बैगा, राजेश बैगा, देवकी देवी, पुको देवी, हीरा बैगा, जबली देवी, सुकरो देवी और सुमरई देवी को आरोपी बनाया गया है.
डायन-बिसाही के संदेह में हत्या
उर्मिला देवी ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उसके पिता की डायन-बिसाही के संदेह में हत्या की गई थी. एक जून 2022 को मलकन बैगा धान रोपनी के लिए संगत के साथ गए थे.
काम समाप्त होने के बाद जब सभी लोग अपने-अपने घर लौट गए, तब आरोपियों ने लाठी-डंडे से उनके साथ मारपीट की और उन्हें मरा हुआ समझकर छोड़ दिया.
आरोप है कि इस दौरान दीपक बैगा ने कहा था कि तुमने तंत्र-मंत्र कर मेरे बेटे वीरेंद्र बैगा को मार डाला.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सात जून 2022 को सभी आरोपी फिर मलकन बैगा के घर पहुंचे और उनकी हत्या कर दी.
परिजनों पर बेटी का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में उनके चाचा दीपक बैगा, चाची झबली देवी, चचेरा भाई हीरा बैगा सहित गांव के गंगा बैगा, राजेश बैगा, देवकी देवी, पोको देवी, सुकरो देवी और सुरमई देवी शामिल थे.
उर्मिला देवी का आरोप है कि हत्या के बाद पूरे गांव ने मामले को दबाने की कोशिश की और किसी को भनक न लगे, इसलिए शव को बैगा टोली स्थित कब्रिस्तान में दफना दिया गया.
चार वर्षों तक यह मामला दबा रहा, लेकिन अब पुत्री की शिकायत के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की.
