रांचीः झारखंड के विभिन्न जिलों खासकर सिंहभूम और दूसरे राज्यों में सक्रिय 16 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है.
इनमें 15 लाख का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य संतोष उर्फ बासुदेव उर्फ गांधी शामिल है, जिसके विरुद्ध राज्य के विभिन्न थानों में माओवादी गतिविधियों से जुड़े 128 मामले दर्ज हैं.
पुलिस मुख्यालय में आयोजित ‘नई दिशा- नई पहल अभियान’ के तहत माओवादियों ने पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा और पुलिस तथा सीआरपीएफ के अधिकारियों के सामने हथियार डाले.
नक्सल विरोधी अभियान में इसे पुलिस की अहम सफलता के तौर पर देखा जा रहा है.
ये माओवादी पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, रांची, गिरिडीह, बोकारो, लातेहार, खूंटी व ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के रहने वाले हैं.
एके 47, इंसास जैसे हथियार डाले
सरेंडर करने वाले 16 माओवादियों में से छह पर राज्य सरकार ने कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है.
माओनादियों ने छह इंसास, दो एके-47, एक एचके-33, एक यूएस कार्बाइन,, एक एम-16 रायफल पुलिस को सौंपे हैं.
साथ ही 38 मैगजीन और 1562 राउंड कारतूस पुलिस के हवाले किए हैं.

सरेंडर करने वाले माओवादी और दर्ज मामले
संतोष उरांव उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी उर्फ दिलीप (पिता – माधव महतो उर्फ लोधा महतो, गम्हर, थाना – पीरटाड़, गिरिडीह) – रैंक आरसीएम, 15 लाख का इनामी.
चंदन लोहरा (पिता – एतवा लोहरा, बारीगढ़ा, थाना – अड़की, खूंटी) – रैंक जेडसीएम, 78 कांड, 10 लाख का इनामी.
जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली (पिता – स्व. जादा मुंडा, पत्नी – मणिका मुंडा, झिरपानी, थाना – कोइड़ा, सुंदरगढ़, ओडिशा) – रैंक जेडसीएम, 38 कांड. बरामदगी:
राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा (पिता – मुसुंगू हांसदा, हतनाबुरू, थाना – छोटानागरा, प. सिंहभूम) – रैंक एसजेडसीएम, 06 कांड.
अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल (पिता – भोंदुआ तुरी, चैनपुर, थाना – पेशरार/बगडू, लोहरदगा) – रैंक एसजेडसीएम, 22 कांड, 05 लाख का इनामी.
सुखलाल बिरंजिया उर्फ अकेला (पिता – स्व. चांदो बिरंजिया, कबरी कोटाम- बारीबांध, थाना – गारू, लातेहार) – रैंक एसजेडसीएम, 12 कांड.
सुरेश होनहागा उर्फ सोनाराम होनहागा उर्फ सोना (पिता – कांडे होनहागा, थलकोबाद, टोला-दुमांगदिरी, थाना – छोटानागरा, पश्चिम सिंहभूम) – रैंक एसीएम, 33 कांड, 02 लाख का इनामी.
एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत उर्फ शनिचरवा (पिता- मंझला मांझी, मोहनपुर जबरदाहा, थाना – मधुबन, गिरिडीह) – रैंक एसीएम, 09 मामले दर्ज.
देवान मुर्मू उर्फ शनिचर (पिता- बुधन मुर्मू, मोहनपुर, थाना – निमियाघाट, गिरिडीह) – रैंक एसीएम, 06 केस.
सुमित्रा सुरीन (पिता- तुरी सुरीन, तिरिलबुरू, छोटा कुईडा, थाना – गोईलकेरा, पश्चिम सिंहभूम) – रैंक एसीएम, 15 कांड.
चंपा मंझियाईन उर्फ गुड़िया ( पिता- रामदेव मुर्मू, गोरगोरवा, थाना – नावाडीह, बोकारो) – रैंक कैडर, 05 कांड.
रिसिव (पिता- बुधु सोय, माईलपी, टोला- सोयसाई, थाना – सोनुआ, पश्चिम सिंहभूम) – रैंक एसीएम, 18 कांड.
सालमी मुंडा उर्फ पारूल (पिता- पांडा मुडा, पति – चंदन लोहरा, बारूहातु, थाना – बुंडू, रांची) – रैंक एसीएम, 06 कांड.
मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन (पिता – सतीश सुरीन, लोवाबेड़ा, थाना – सोनुआ, पश्चिम सिंहभूम) – रैंक कैडर, 14 कांड,
सीता मुंडा, (पिता- बुला मुंडा, रोलाहातू, थाना-कुचाई, जिला- सरायकेला-खरसावां)- रैंक कैडर, 03 कांड.
डीजीपी ने क्या कहा
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा है कि मुझे आशा है कि सरेंडर करने वालों को सरकार की पॉलिसी का लाभ मिलेगा. इसके साथ ही उन्होंने नक्सलियों से मुख्य धारा में जुड़ने की अपील की. डीजीपी ने कहा कि मुठभेड़ का सामना करने और जंगलों में भटकने के बजाय नक्सली मुख्य धारा से जुड़कर जीवन यापन करें. और सरकार की प्रभावी नीति का लाभ उठाएं.
