रांचीः झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा है कि पंचायतों के विकास के लिए केंद्र से पैसा मिलना कोई मेहरबानी नहीं, संवैधानिक अधिकार है.
झामुमो नेता ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की जनता को गुमराह करने और सस्ती राजनीति करने में भाजपा को महारत हासिल है. केंद्र सरकार द्वारा जो भी राशि भेजी जाती है, वह करदाताओं के पैसे से आती है, न कि किसी पार्टी की जेब से.
भाजपा नेताओं द्वारा झारखंड सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना पूरी तरह निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है. हकीकत यह है कि हमारी सरकार पंचायतों को मजबूत करने, ग्रामीण विकास को गति देने और योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है. पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी प्राथमिकता है, और हर योजना का क्रियान्वयन नियमों के तहत हो रहा है.
पांडेय ने कहा, जहां तक ‘कट-कमीशन’बात है, यह भाजपा की पुरानी राजनीतिक भाषा है, जिसका इस्तेमाल केवल आरोप लगाने के लिए किया जाता है. यदि किसी के पास ठोस प्रमाण है तो सामने लाएं, अन्यथा इस तरह के बेबुनियाद आरोप बंद करें.
झामुमो स्पष्ट करना चाहती है कि पंचायतों को मिली राशि का उपयोग हमेशा की तरह पूरी पारदर्शिता और जनहित में किया जाएगा.
भाजपा को भी अच्छी तरह मालूम है कि हेमंत सोरेन की सरकार भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है. किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
