हजारीबागः हजारीबाग और चतरा की सीमा पर सुरक्षाबलों और भाकपा माओवादी नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की खबर है.
मारे गए चार नक्सलियों में 15 लाख का इनामी रिजनल कमेटी मेंबर शहदेव महतो, 10 लाख का इनामी जोनल कमेटी मेंबर रंजीत गंझू के अलावा एरिया कमांडर बुधन करमाली और महिला नक्सली नताशा भी शामिल हैं.
नताशा, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की रहने वाली है. लंबे समय से वह इस इलाके में नक्सलियों के दस्ते में सक्रिय रही है.
यह मुठभेड़ चतरा- हजारीबाग के सीमावर्ती खपिया के जंगल में हुई है.
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने चार नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की है.
पुलिस मुख्यालय ने जारी रिलीज में बताया है कि मुठभेड़ स्थल से दो एके 47 राइफल, एक इंसास और एक कोल्ट एआर राइफल समेत दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए गए हैं.

शहदेव पर 41 कांड दर्ज है
केरेडारी थाना के कुठन गांव का रहने वाला शहदेव महतो पर नक्सली वारदात के 41 कांड दर्ज हैं. जबकि नताशा के खिलाफ 17, रंजीत गंझू के खिलाफ 9 और बुधन करमाली के खिलाफ 10 कांड दर्ज हैं.
रंजीत गंझू और बुधन करमाली चतरा जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे.
जानकारी के मुताबिक हजारीबाग पुलिस को इनपुट्स मिला था कि शहदेव महतो अपने साथियों के साथ हजारीबाग के केरेडारी जंगल क्षेत्र से गुजर रहा है.
हजारीबाग पुलिस को उनके मूवमेंट की सूचना मिलते ही चतरा पुलिस के साथ संयुक्त अभियान शुरू कर दिया गया. अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए कोबरा बटालियन के जवानों को भी शामिल किया गया.
नक्सली हजारीबाग की सीमा पार कर चतरा जिले के जंगल में पहुंच गए. सुरक्षा बलों से घिरता देख नक्सलियों ने फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में चार नक्सली मारे गए हैं.
पुलिस का दावा, हुआ सफाया
झारखंड पुलिस ने दावा किया है कि इस अभियान से पारसनाथ-लुगझुमरा-हजारीबाग–चतरा सीमावर्ती क्षेत्र से सक्रिय माओवादी दस्ते का पूर्ण रूप से सफाया हो चुका है.
इसके साथ ही पुलिस ने अपील की है कि बचे नक्सली पुलिस के सामने सरेंडर करें और आत्मसमर्पण नीति का लाभ लेकर मुख्यधारा से जुड़ें.
