हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले के आरोपी आईएएस अधिकारी विनय विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है.
जस्टिस एआर चौधरी की अदालत ने विनय चौबे को बेल देने से इंकार किया है. इससे पहले कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया.
हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी विनय चौबे के खिलाफ हजारीबाग एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है.
आरोप है कि विनय चौबे हजारीबाग में डीसी पद पर रहने के दौरान वन विभाग की भूमि के पांच प्लॉटों की अवैध तरीके से जमाबंदी की थी. यह जमीन गैरमजरूआ खास जंगल झाड़ी के रूप में दर्ज है. वन संरक्षण अधिनियम के अनुसार, भारत सरकार की अनुमति के बिना ऐसी भूमि का उपयोग गैर-वानिकी कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता. आरोप है कि अधिकारियों और खरीदार विनय सिंह ने मिलकर एक आपराधिक साजिश रची और नियम विरुद्ध तरीके से जमीन का मालिकाना हक बदलवाया.
विनय चौबे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. सेवायत ट्रस्ट की जमीन, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और शराब घोटाले के मामले में उन्हें जमानत मिल चुकी है.
