रांचीः भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि इतनी किरकिरी के बाद भी कांग्रेस द्वारा सरकार में बने रहने वाला बयान कोई आश्चर्य पैदा नहीं करता है. चाहे जितनी भी दुर्गति हो जाए, सत्ता से चिपके रहना कांग्रेस की फितरत है. अब इतनी दुर्गति के बावजूद भी कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि वे कोई भी विष पीने को तैयार हैं. वास्तविकता तो यह है कि कांग्रेस सरकार से चिपककर मलाई खाने का काम कर रही है.
आदित्य साहू ने कांग्रेस द्वारा राज्यसभा चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा पर लगाए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि राज्यसभा चुनाव में अपनी करारी हार के सदमे से कांग्रेस पार्टी अभी तक उबर नहीं पाई है. उन्होंने यह भी कहा कि अब कांग्रेस हार के सदमे से उबरने वाली भी नहीं है। राज्यसभा चुनाव से उनकी हार का सिलसिला शुरू हो गया है, 2029 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव अभी बाकी ही है.
बीजेपी नेता कहा कि हमने पूर्व में भी कहा कि पार्टी की इच्छा थी कि कोई कार्यकर्ता ही राज्यसभा जाए. लेकिन बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं थी. बीजेपी चाहती तो जोड़ तोड़ की राजनीति से किसी कार्यकर्ता को राज्यसभा चुनाव भेज सकती थी. निर्दलीय के रूप में परिमल नथवाणी समर्थन मांगने आए तो पार्टी ने उनका समर्थन किया. उनके लिए सभी 81 विधायक वोटर थे. अब जब कांग्रेस के साथ रहने वाले विधायक उनकी नीतियों से सहमत नहीं हैं तो कांग्रेस को किसी पर दोषारोपण करने की बजाय आत्ममंथन करनी चाहिए. वे अपने विधायकों को लामबंद नहीं रख पाए तो इसमें बीच में भाजपा कहां से मिल गई. विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर राष्ट्रहित में मतदान किया है.
