खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले के जरियागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत इंदवन में रविवार तड़के पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ का जायजा लेने एसपी ऋषभ गर्ग घटना स्थल पर पहुंचे हैं.
इस मुठभेड़ में दस्ता के श्रवण दास को गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. साथ ही सर्च अभियान में दास समेत सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने पूरे वन क्षेत्र की घेराबंदी कर रखी है.
श्रवण का गिरोह कर्रा क्षेत्र में व्यापारियों और ठेकेदारों के लिए सिरदर्द बना हुआ था. रंगदारी, लेवी वसूली और भयादोहन करना इस गिरोह का मुख्य काम था. दास के खिलाफ पुलिस में कम से कम आधे दर्जन मामले दर्ज है.
मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसपी ने बताया कि पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास द्वारा सुंदारी पुल निर्माण कार्य के ठेकेदार से लेवी की मांग की गई थी. वह लगातार व्यापारियों को धमका रहा था और सरकारी विकास कार्यों में बाधा पहुंचा रहा था. दास की गतिविधियों पर पुलिस की नजर थी और उसके संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं.

एसपी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रवण दास अपने साथियों के साथ इंदवन क्षेत्र में आने वाला है. सूचना के आधार पर विशेष छापामारी दल का गठन किया गया. कार्रवाई के दौरान श्रवण दास समेत उसके कई साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके पास से हथियार और गोलियां भी बरामद की गईं.
देसी कट्टा और रंगदारी
पुलिस अधिकारी ने बताया है कि कार्रवाई के दौरान चार देसी कट्टे समेत 29 गोलियां बरामद की गई है. एक सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल भी मिला है. इसके अलावा पीएलएफआई के पर्चे और डायरी भी जब्त की गई है. जिससे पुलिस को बहुत सी जानकारियां मिली है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
गिरफ्तार उग्रवादियों के नाम
पुलिस ने श्रवण दास के अलावा सामू ढोडराय (कुटाम, जरिया, तोरपा), सुदर्शन सोय (जामड़ा, चैयाटोली, मुरहू), सलीम बोदरा (जिलिंगबुरू, तपकरा), हर्षित गुड़िया (हुसीर, पाहनटोली, तपकरा), उमर खान उर्फ नील खान (सिलदा, बिरदा, कर्रा) तथा विष्णु मांझी (कुटाम, जरिया, तोरपा) को गिरफ्तार किया है. सभी से पूछताछ की जा रही है.
