रांचीः कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार सामने आए पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं ने छात्रों का भरोसा तोड़ा है. इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है.
नेतृत्व के निर्देश पर रांची पहुंचे कांग्रेस नेता ने एक प्रेस क्रांफ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी ने कोटा से इस अभियान की शुरुआत की थी. इसी सिलसिले में मैं रांची आया हूं. और यहीं के छात्र सार्थक ने इस सरकार को आईना दिखाया था.
उन्होंने कहा कि 10 सालों में अबतक 90 पेपर लीक हो चुके हैं. ऐसे में सरकार को ये नहीं पता करना चाहिए कि कांच कैसे टूटा, बल्कि ये पता लगाना चाहिए कि आखिर पत्थर किसने फेंका है.
थर्मामीटर बदलने से बुखार ठीक नहीं होता
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी इतने सालों में कई बार छात्रों से परीक्षा पर चर्चा कर ली लेकिन पेपर लीक पर एक बार भी पीएम ने छात्रों से इसपर चर्चा नहीं की. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शायरना अंदाज में कहा, “थर्मामीटर बदलने से बुखार नहीं ठीक हो जाता है. इसकी दवा करनी होती है.”
प्रतापगढ़ी ने कहा, “सवाल है कि आखिर पेपर लीक कैसे हुआ? सरकार को ये बताना होगा. लेकिन पीएम इसपर कुछ बोलने को तैयार नहीं है. शिक्षा मंत्री जवाब नहीं देते न ही इस्तीफा दे रहे हैं. इसके खिलाफ कांग्रेस 9 अगस्त को दिल्ली चलो अभियान के तहत सरकार के खिलाफ एकजुट होकर प्रदर्शन करेगी.”
कांग्रेस नेता ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा देना नहीं चाहते और प्रधानमंत्री इस्तीफा मांगते ही नहीं. पेपर लीक मामले में उन्होंने छोटी मछलियों की जगह उन मगरमच्छों को पकड़ने का आग्रह किया जो सिस्टम में प्रवेश कर चुके हैं. इसलिए कि पेपर लीक करनेवाले लोग सिस्टम में घुस गए हैं.
