रांचीः झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक डॉ राजकुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
रिम्स सर्जरी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ डीके को रिम्स का नया प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया है.
शासी निकाय परिषद और विभागीय मंत्री की मंजूरी के बाद डॉ राजकुमार के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है. इस बाबत स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है.
इससे पहले बुधवार को रिस्म में सीआइडी का छापा पड़ा था. सीआईडी की टीम ने रिम्स में दाखिला के साथ टेंडर में हुई गड़बड़ियों के बाद छापा मारा था. छापेमारी के दौरान सीआईडी की टीम ने कई दस्तावेज हासिल किए हैं.
तेजी से बदलते सीन के बीच गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री सह रिम्स शासी परिषद के अध्यक्ष डॉ इरफान अंसारी से मुलाकात करने के बाद रिम्स निदेशक ने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की.
डॉ राजकुमार के इस्तीफा के के बाद रिम्स के प्रशासनिक और चिकित्सा हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
इस्तीफे के बाद डॉ राजकुमार ने कहा है कि बुधवार को सीआइडी की टीम ने साढ़े आठ घंटे तक उनसे लगातार पूचताछ की. इस दौरान सभी दस्तावेज उन्होंने दिए. लेकिन हर सवाल के जवाब को वह संदेह की नजर से देखती रही. घर लौटने के बाद मुझे लगा कि इस पद पर बने रहने का अब कोई औचित्य नहीं है.
व्यवस्था और हस्तेक्षप से परेशान
डॉ राजकुमार रिम्स की वर्तमान कार्यप्रणाली और लगातार हो रहे हस्तक्षेप से असहज महसूस कर रहे थे. उनका मानना है कि अत्यधिक हस्तक्षेप की स्थिति में संस्थान को बेहतर दिशा में ले जाना और प्रभावी ढंग से काम करना मुश्किल हो रहा था.
इससे पहले पिछले साल उन्हें पद से मंत्री ने हटा दिया था. सरकार के इस आदेश के खिलाफ वे हाइकोर्ट गए थे. तब कोर्ट ने उन्हें हटाए जाने के फैसले को गलत बताया था. इसके बाद डॉ राजकुमार ने फिर से योगदान दिया.
