रांचीः जाली दस्तावेज के आधार पर राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की जमीन का अतिक्रमण कर अपार्टमेंट बनाने वाले बिल्डर शुभम साबू को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार को गिरप्तार कर लिया है. .
एसीबी की टीम ने लकी कंस्ट्रक्शन के संचालक और बिल्डर शुभम साबू को नेशनल गली स्थित उसके आवास से सुबह हिरासत में लिया था. लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
शुभम साबू का कांटाटोली-कोकर रोड में रॉयल ओक के नाम से फर्नीचर की दुकान भी है.
एसीबी की जांच में यह तथ्य पाया गया है कि रिम्स की जमीन अवैध तरीके से खरीद कर साबू ने अपार्टमेंट खड़ा किया था. इसमें करीब 14 करोड़ निवेश कर 20 फ्लैट बनाए थे. जमीन का म्यूटेशन भी करा लिया गया था. साथ ही अपार्टमेंट बनाने के लिए नक्शा भी पास करा लिया था.
दूसरी तरफ फ्लैट खरीदने वालों को लोन भी मिल गया था.
हाईकोर्ट के आदेश पर रिम्स की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान इस अपार्टमेंट को गिरा दिया गया था. इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया था कि गल तरीके से जमीन की खरीद- बिक्री करने वालों के अलावा अफसरों की मिलीभगत की भी जांच कर जांच एजेंसी कार्रवाई करे.
.झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रिम्स की जमीन की आबादी तरीके से खरीद बिक्री मामले की जांच कर रही है.
मास्टर माइंड की तलाश
एसीबी को जमीन घोटाला मामले में एक अन्य मास्टर माइंड प्रमोद महतो की भी तलाश है। उसने भी उक्त जमीन का पावर ऑफ अटार्नी लिया था. उसके खिलाफ एसीबी ने गिरफ्तारी वारंट ले रखा है. प्रमोद महतो ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है.
पूर्व में चार गिरफ्तारी
रिम्स की सरकारी जमीन की अवैध तरीके से खरीद बिक्री मामले में एसीबी ने अप्रैल 2026 में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल जाने वालों में फर्जी वंशावली बनाने वाले रांची के बांधगाड़ी स्थित दीपाटोली के राजकिशोर बडाईक और उनके भाई कार्तिक बड़ाईक, जमीन कारोबारी कोकर के राजेश कुमार झा तथा पावर ऑफ अटार्नी लेने वाले एक अन्य खूंटी के तोरपा के पाटपुर निवासी चैतन कुमार शामिल थे.
