रांचीः जाली दस्तावेज के आधार पर राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की जमीन का अतिक्रमण और खरीद- बिक्री मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शहर के जाने- माने बिल्डर शुभम साबू को रविवार को हिरासत में लिया है. कभी भी साबू की गिरफ्तारी हो सकती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एसीबी की टीम ने लकी कंस्ट्रक्शन के संचालक और बिल्डर शुभम साबू को नेशनल गली स्थित उसके आवास से सुबह हिरासत में लिया है.
टीम उसे तु अपने साथ मुख्यालय ले गई है, जहां इस घोटाले को लेकर सघन पूछताछ जारी है.
हालांकि, एसीबी के आला अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर बिल्डर की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और इसे केवल हिरासत में लेकर पूछताछ की कार्रवाई बताया है।
उसपर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च कर उक्त विवादित जमीन पर अपार्टमेंट बना कर खरीद बिक्री का आरोप है. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रिम्स की जमीन की आबादी तरीके से खरीद बिक्री मामले की जांच कर रही है.
मास्टर माइंड की तलाश
एसीबी को जमीन घोटाला मामले में एक अन्य मास्टर माइंड प्रमोद महतो की भी तलाश है। उसने भी उक्त जमीन का पावर ऑफ अटार्नी लिया था. उसके खिलाफ एसीबी ने गिरफ्तारी वारंट ले रखा है. प्रमोद महतो ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है.
पूर्व में चार गिरफ्तारी
रिम्स की सरकारी जमीन की अवैध तरीके से खरीद बिक्री मामले में एसीबी ने अप्रैल 2026 में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल जाने वालों में फर्जी वंशावली बनाने वाले रांची के बांधगाड़ी स्थित दीपाटोली के राजकिशोर बडाईक और उनके भाई कार्तिक बड़ाईक, जमीन कारोबारी कोकर के राजेश कुमार झा तथा पावर ऑफ अटार्नी लेने वाले एक अन्य खूंटी के तोरपा के पाटपुर निवासी चैतन कुमार शामिल थे.
