रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रम विभाग एवं राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष द्वारा तमिलनाडु गैस रिसाव हादसे के बाद वहां फंसे झारखंड के सभी 42 श्रमिकों की सुरक्षित झारखंड वापसी सुनिश्चित कर ली गई है.
सभी श्रमिक ट्रेन से झारखंड के लिए रवाना हो चुके हैं. तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित सेंट पीटर्स एंड पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स फैसिलिटी में 21 जून 2026 को हुई अमोनिया गैस रिसाव की दुःखद औद्योगिक दुर्घटना के बाद प्रवासी मजदूरों के फंसे होने के मामले में सीएम ने माइग्रेंट लेबर कंट्रोल रूम में तत्काल कार्रवाई करने को कहा था.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को स्पष्ट आदेश दिया था कि प्रभावित झारखंड के सभी प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित और सकुशल गृह वापसी के लिए तत्काल हर संभव कदम उठाए जाएँ.
इसके बाद श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सचिव व श्रमायुक्त के मार्गदर्शन में नियंत्रण कक्ष ने तिरुवल्लूर जिला प्रशासन, तमिलनाडु श्रम विभाग, रेलवे बोर्ड, दक्षिण रेलवे तथा अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर राहत अभियान चलाया गया.
प्रीति का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से लाया जा रहा है रांची
इस हादसे में धनबाद निवासी श्रमिक सुश्री प्रीति का उपचार के दौरान चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल में दुःखद निधन हो गया था.
झारखण्ड सरकार की पहल पर मृतका के परिजनों के तमिलनाडु आगमन, शव की पहचान, पोस्टमार्टम एवं अन्य वैधानिक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूर्ण कराया गया.
तमिलनाडु सरकार के सहयोग से मृतका का पार्थिव शरीर मंगवार शाम हवाई मार्ग से बिरसा मुंडा हवाई अड्डा, रांची पहुँचेगा. सरकार द्वारा एयरपोर्ट पर एम्बुलेंस की मुस्तैद व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से पार्थिव शरीर को ससम्मान उनके गृह जिला धनबाद भेजा जाएगा.
