जमशेदपुरः लौहनगरी जमशेदपुर में डीडी बार के बाहर हुए हिंसक झड़प और हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस ने बार के मालिक नीरज सिंह को राजस्थान के खाटू धाम से गिरफ्तार किया है.
इसी मामले में बार के मैनेजर विजय कुमार को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार किया है.
जमशेदपुर पुलिस ने दोनों के फोन को सर्विलांस पर रखा था. इसी क्रम में उनके मोबाइल का लोकेशन मिला. जमशेदपुर के एसएसपी ने राजस्थान के सीकर एसपी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी. साथ ही लोकेशन भी बताया. सीकर पुलिस ने नीरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया.
नीरज सिंह की तलाश में एसआईटी की टीमें लगातार उनके मानगो स्थित आवास सहित कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं. इस दबिश के दौरान पुलिस ने उनके आवास से एक लग्जरी कार सहित दो वाहन पहले ही जब्त कर लिए थे.
हालिया नगर निकाय चुनाव में नीरज सिंह की पत्नी संध्या सिंह मानगो नगर निगम के मेयर पद पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार थीं. लेकिन वे सुधा गुप्ता से चुनाव हार गईं. चुनाव के दौरान नीरज सिंह भी राजनीतिक तौर पर सक्रिय थे.
इससे पहले इस कांड में पुलिस ने तीन नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह के बयान पर 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल की पुलिस को अब तक तलाश है. पुलिस मंडल की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है. साथ ही मंडल के बार में सूचना देने के लिए दो लाख रुपए का इनाम रखा है.
27 जून की रात डीडी बार परिसर में हिमांशु सिंह, प्रत्युष आनंद और उनके साथियों का दूसरे पक्ष के युवकों से विवाद हुआ था. इसके बाद हिमांशु सिंह और प्रत्युष को पुलिस की पीसीआर वैन से खींच कर चाकू और चापड़ से हमला किया गया, इलाज के दौरान हिमांशु की मौत हो गई.
इसी मामले में बिष्टुपुर थाना के प्रभारी समेत पीसीआर में तैनात दो एएसआई और एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया गया है. हिमांशु की मौत के बाद लोगों में आक्रोश, धरना प्रदर्शन के बाद सरकार ने जमशेदपुर और सरायकेला के एसपी को वहां से हटा दिया था.
भाजपा बचाव में
हालांकि झारखंड प्रदेश भाजपा ने नीरज सिंह को इस मामले में आरोपी बनाये जाने का विरोध किया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस और राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि झारखंड में कोई भी घटना घटित होने पर मामले को डायवर्ट करने का पुलिस का स्वभाव बन चुका है. जमशेदपुर मामले में भी इसी की पुनरावृत्ति की जा रही है. इस मामले में व्यापारी नीरज सिंह का नाम पुलिस ला रही है, जिस दिन घटना घटी उस दिन नीरज सिंह अपने प्रतिष्ठान में नहीं थे.
