टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बड़ाइक गुरुवार को कोलकाता में बीजेपी में शामिल हो गए.
राज्य बीजेपी अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य की मौजूदगी में तीनों नेताओं को पार्टी में शामिल किया गया.
भट्टाचार्य ने पार्टी के साल्ट लेक ऑफिस में आयोजित एक कार्यक्रम में, जिसमें राज्य के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए, पूर्व सांसदों को बीजेपी के झंडे भेंट करके उनका स्वागत किया.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद, सुष्मिता देव, शेखर रे और बड़ाइक ने पिछले महीने राज्यसभा और तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया था.
प्रदेश अध्यक्ष शमीक ने पत्रकारों से कहा, “इन तीनों का भाजपा में शामिल होना एक अपवाद है. पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के दागी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल नहीं करने की अपनी नीति पर अडिग है.”
उन्होंने कहा कि बीजेपी, तृणमूल कांग्रेस में रहे साफ़-सुथरी छवि वाले नेताओं को साथ लेने के खिलाफ़ नहीं है.
अब इन तीनों पूर्व सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद यह क़यास तेज़ हो रहे हैं कि क्या बीजेपी इस बार राज्यसभा की तीनों सीटों पर इनको ही उम्मीदवार बनाएगी?
इस सवाल पर शमीक ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. उनका कहना था कि “क़यास जारी रहने दें.”
पश्चिम बंगाल में इन तीनों नेताओं के इस्तीफे़ से खाली हुई राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 24 जुलाई को उपचुनाव होना है.
टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने आठ जून को राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी से इस्तीफ़ा दिया था.
उसके बाद 10 और 11 जून को सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक ने भी पार्टी और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी.
बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद शमीक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल नहीं करने की बात कही थी.
लेकिन अब उनका कहना है कि तृणमूल में रहते हुए भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होने वाले नेताओं को साथ लेने पर विचार किया जा सकता है.
इस मौके पर सुखेंदु शेखर और सुष्मिता देव ने भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस को घेरा. सुष्मिता ने कहा कि उन पर तृणमूल में रहते हुए भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा था. सुखेंदु ने भी यही दावा किया.
