रांचीः झारखंड हाई कोर्ट में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की संयुक्त सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई.
चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने प्रार्थी को किसी प्रकार की राहत देने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी.
प्रार्थी राजन कुमार सिंह ने याचिका दायर कर जेपीएससी के दो जुलाई को घोषित प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में उन्हें सफल घोषित नहीं किए जाने को चुनौती दी थी.
आयोग के अनुसार, परीक्षा के प्रथम प्रश्नपत्र की ओएमआर शीट में बबलिंग संबंधी त्रुटि पाए जाने के कारण उनकी उत्तर पुस्तिका निरस्त कर दी गई थी.
अदालत को क्या बताया
सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अदालत को बताया कि ओएमआर उत्तर पुस्तिका में मार्किंग (बबलिंग) संबंधी त्रुटियों के मामलों में झारखंड हाई कोर्ट की खंडपीठ तथा सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट निर्णय दे चुके हैं.
इन फैसलों के अनुसार, यदि अभ्यर्थी ओएमआर शीट में निर्धारित तरीके से उत्तर अंकित नहीं करता या एक ही प्रश्न के लिए दो स्थानों पर मार्किंग कर देता है, तो उसकी ओएमआर शीट निरस्त की जा सकती है.
आयोग की ओर से कहा गया कि ऐसे मामलों में परिणाम जारी नहीं करना पूरी तरह नियमों और न्यायालय के पूर्व आदेशों के अनुरूप है. प्रार्थी की ओएमआर शीट उसकी स्वयं की त्रुटि के कारण अस्वीकृत हुई थी, इसलिए आयोग की ओर से कोई गलती नहीं की गई.
