रांचीः झारखंड हाई कोर्ट ने गुमला से वर्ष 2018 में लापता हुई छह वर्षीय बच्ची के मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जांच की प्रगति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है.
इस मामले के मुख्य आरोपित का नार्को टेस्ट तीन से 11 अगस्त के बीच गुजरात के गांधीनगर स्थित डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (डीएफएस) में कराया जाएगा.
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक मुख्य आरोपी के नार्को टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही वर्ष 2018 से 2022 के दौरान गुमला के तत्कालीन पुलिस अधीक्षकों (एसपी) तथा मामले के अनुसंधानकर्ता (आईओ) के खिलाफ की गई विभागीय अथवा अन्य कार्रवाई की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए.
मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की गई है.गुरुवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मुख्य आरोपी सुखमनी उरांव के नार्को टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.
गुमला के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) से अनुमति मिलने के बाद गुजरात के गांधीनगर स्थित डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (डीएफएस) से संपर्क किया गया, जहां से तीन से 11 अगस्त 2026 के बीच परीक्षण की तिथि निर्धारित की गई है. आरोपी को नार्को टेस्ट के लिए पुलिस टीम गुजरात लेकर जाएगी.
सुनवाई के दौरान मामले के अनुसंधानकर्ता भी अदालत में उपस्थित हुए. हाई कोर्ट ने अनुसंधानकर्ता से जांच की प्रगति पर जवाब-तलब करते हुए पूछा कि लापता बच्ची की बरामदगी के लिए अब तक क्या-क्या प्रयास किए गए हैं और आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
गौरतलब है कि गुमला जिले की छह वर्षीय बच्ची सितंबर 2018 से लापता है. बच्ची की बरामदगी के लिए उसकी मां चंद्रमुनि उरांव ने झारखंड हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की है, जिस पर अदालत लगातार सुनवाई कर रही है.
