रांचीः राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु केवल ज्ञान प्रदान नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण एवं जीवन को सही दिशा देने का कार्य करते हैं.
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, राँची में आयोजित विद्यालय की वार्षिक पत्रिका “अरुणोदय” के लोकार्पण समारोह-सह-आचार्य सम्मान समारोह में वे बोल रहे थे.
इस अवसर उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शिक्षा, संस्कार, अनुशासन एवं राष्ट्रभावना का एक प्रेरणादायी केंद्र है. यह संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, सेवा, समर्पण तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारी एवं उत्तरदायी नागरिक तैयार करना है. ज्ञान तभी सार्थक है, जब उसके साथ नैतिकता, अनुशासन, विनम्रता तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव भी जुड़ा हो.
राज्यपाल ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि विद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, कंप्यूटर शिक्षा, खेलकूद एवं नवाचार से जोड़ने के साथ-साथ योग, संस्कृत, संगीत, नैतिक शिक्षा एवं भारतीय जीवन मूल्यों का भी संस्कार प्रदान कर रहा है.
