रांचीः झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 8,399.31 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया.
इससे पहले झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ रांची में जारी छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष के विधायकों ने सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक परीक्षाओं की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर वेल में पहुंच गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. ‘नौकरी के दुश्मन गद्दी छोड़’, और ‘परीक्षाओं की सीबीआइ जांच कराओ’ जैसे नारों से सदन गूंजता रहा.
इस दौरान स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने माहौल शांत कराने का प्रयास करते हुए विपक्ष के नारों पर चुटकी ली और कहा, ‘पहले नीट वाला होगा या जेपीएससी वाला होगा.’
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों का मामला उठाते हुए बताया कि झारखंड में आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है और छात्र सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने सभी मामलों की कोर्ट की निगरानी में सीबीआइ से जांच कराने की मांग की. विपक्षी विधायक इस मांग को लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी.
स्पीकर ने विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा कि यह मॉनसून सत्र है. इसलिए खेती-किसानी और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. जनता के सवाल हैं, उन्हें सदन में आने दें .हालांकि, विपक्ष ने उनकी अपील नहीं मानी और करीब 20 मिनट तक लगातार हंगामा जारी रखा.
इसके बाद स्पीकर ने दोपहर 12.30 बजे सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा.
विपक्ष के विधायक वेल में घुस गये. हंगामे के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पहला अनुपूरक बजट और बैंकिंग रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसके बाद कार्यवाही फिर स्थगित कर दी गयी.
