झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की जांच के बीच आयोग के तीनों सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
इससे पहले 21 जुलाई को सीआइडी का आयोग के दफ्तर में और परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के ठिकानों पर छापे के तुरंत बाद आयोग के चेयरमैन एल ख्यांग्ते ने इस्तीफा दिया था.
अब आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने भी अपने पद से इस्तीफा देते हुए राज्यपाल को त्यागपत्र भेज दिया है.
जानकारी के मुताबिक राज्यपाल ने तीनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
अजिता भट्टाचारार्य, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं. जमाल अहमद पहले स्कूल के शिक्षक थे. बाद में लेक्चरर बने. फिर सरकार ने उन्हें आयोग में सदस्य बनाया.
इन तीनों सदस्यों को झारखंड पुलिस की सीआईडी ने पूछताछ के लिए समन जारी किया है. सोमवार से बारी-बारी से इनसे जांच एजेंसी सीआइडी की पूछताछ होनी है.
जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच कर रही सीआइडी ने अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें गलत तरीके से 14वीं जेपीएससी की पीटी पास करने वाले चार अभ्यर्थी और आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता भी शामिल हैं.
पूर्व चेयरमैन का इस्तीफा और लंबी पूछताछ
सीआइडी की एसआईटी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते से भी अब तक चार बार लंबी पूछताछ कर चुकी है.
अपराध अनुसंधान विभाग ने 28 जुलाई को खियांग्ते से नौ घंटे तथा 29 और 31 जुलाई तथा 3 अगस्त को आठ-आठ घंटे पूछताछ की थी.
सीआइडी के अधिकारी उनसे भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा लेने वाली एजेंसी के कार्यकलाप, ओएमआर शीट, कट ऑफ मार्क्स, चेयरमैन की भूमिका समेत अन्य बिंदुओं पर लगातार जानकारी जुटा रही है.
जांच के क्रम में उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है. जेपीएससी और परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के दफ्तर में 21 जुलाई को छापे के बाद ख्यांगते ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
इसके बाद जांच एजेंसी ने ख्यांग्ते के आवास पर भी छापेमारी कर कई सामान जब्त किए थे.
