झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू ने राज्य के लिए मौजूदा तीन मुद्दों पर पार्टी का स्टैंड साफ करते हुए कहा है कि जेपीएससी-जेएसएसी में गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के सवाल पर पार्टी डे वन से ही छात्रों की मांगों के साथ है.
सोमवार को रांची में एक प्रेस कांफ्रेंस में के राजू ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए. इस बीच उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को राहुल गांधी की ओर से दिये गये सुझाव के बारे में भी चर्चा की. इसमें राहुल की ओर से सीएम हेमंत को खुद से आंदोलनकारी छात्रों से मिलने की बात कही गई है.
राजू ने बताया कि सरकार की ओर से गठित कमेटी की छात्रों के साथ बातचीत चल रही है और कांग्रेस को उम्मीद है कि इससे सकारात्मक रास्ता निकलेगा.
प्रभारी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन से लेकर संसद तक छात्रों की आवाज उठाई है। झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी कांग्रेस का वही रुख है.
SIR और खान खनिज संशोधन विधेयक उठाए सवाल
SIR को लेकर के. राजू ने कहा कि कांग्रेस की कोशिश है कि हर मतदाता का वोट देने का अधिकार सुरक्षित रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि जल्दबाजी में SIR की प्रक्रिया पूरी किए जाने से बड़ी संख्या में मतदाताओं का अधिकार प्रभावित हो सकता है.
प्रभारी ने कहा कि “खान एवं खनिज संशोधन विधेयक-2026” को लेकर में राज्यों से विचार विमर्श तक केंद्र ने नहीं किया जबकि प्रावधान है कि जिन कानूनों से राज्यों का फाइनेंस प्रभावित होता है, उससे राज्यों से बातचीत जरूरी होती है लेकिन बिना राज्यों का कंसेंट लिए यह काला कानून पास करा लिया गया है.
उन्होंने कहा कि इससे झारखंड को हर साल 15 हजार करोड़ का आर्थिक नुकसान होगा और उसका असर राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा.
