रांचीः किसानों की समस्याओं और कृषि निदेशालय में कथित अनियमितताओं को लेकर गुरुवार को भाकपा की रांची जिला कमेटी, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) और आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने कृषि निदेशालय का घेराव किया.
इससे पहले सीएमडीआई के सामने से कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं शामिल हुईं.
प्रदर्शनकारी किसानों ने कृषि निदेशालय में भ्रष्टाचार रोकने और काली सूची में दर्ज कंपनियों को दिए जा रहे काम और भुगतान की जांच की मांग की.
इस दौरान किसानों ने कृषि निदेशक के खिलाफ नारे भी लगाए. सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के रांची जिला सचिव अजय सिंह ने आरोप लगाया कि किसानों को खराब गुणवत्ता वाली सामग्री दी गई है. उन्होंने कहा कि CIPET की जांच में कुछ कंपनियों की सामग्री मानक के विपरीत पाई गई थी. इसके बावजूद उन्हें दोबारा काम में लिया जा रहा है.
उन्होंने काली सूची में दर्ज भारत ड्रिप इरिगेशन एंड एग्रो कंपनी को भी काम और भुगतान दिए जाने पर सवाल उठाया. प्रदर्शनकारियों ने सभी संबंधित कंपनियों के भुगतान पर रोक लगाने और पूरे मामले की एसआईटी से जांच कराने की मांग की. एआईटीयूसी के अशोक यादव और आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के पुष्कर महतो ने कहा कि सात दिनों के अंदर जांच शुरू नहीं हुई तो कृषि निदेशालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा.
