झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित झारखंड स्नातक योग्यता धारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में कथित अनियमितता के संबंध में दर्ज सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में एसआईटी ने चार सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार अभ्यर्थियों धनबाद के नवाडीह थाना क्षेत्र में सनशाइन अपार्टमेंट में रहने वाला दीपक कुमार और धनबाद के ही राजगंज थाना क्षेत्र के धड़कीड़ के विजय तिवारी शामिल हैं.
इनके अलावा बीसीसीएल कॉलोनी दुग्दा, बोकारो से उमेश कुमार राय तथा रिवरसाइड सुदामडीह धनबाद से आनंद कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है. ये दोनो मूल तौर पर बिहार के रहने वाले हैं.
उधर गुरुवार को इसी मामले में दिल्ली से गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपियों, सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को सीआईडी ने पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है.
गौरतलब है कि कोलकाता की कंपनी बेवेल को सीजीएल परीक्षा के संचालन का काम मिला था. इस दौरान बेवेल के स्थानीय प्रतिनिधि के तौर पर सारा कामकाज सोमांश प्रकाश देखता था.
सोमांश प्रकाश और राहुल को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद सीआईडी ने 5 दिनों की डिमांड पर लिया है.
इस दौरान एसआईटी दोनों से बेवेल कंपनी के कार्यकलाप और बरती गई गड़बिड़ियों के अलावा सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी. सोमांश और राहुल मूल तौर पर बिहार के रहने वाले हैं.
इस मामले में आगे कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
सरकार ने 18 अगस्त को सीजीएल की परीक्षा रद्द कर दी थी. लेकिन सफल अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए थे, जहां सरकार के फैसले को चुनौती दी गई. कोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगाने के साथ सभी को नौकरी पर बहाल करने को कहा था. इसके बाद 1932 सफल अभ्यर्थियों को सेवा में शामिल कर लिया गया.
अब सीआईडी की कार्रवाई तेज होने के बाद नौकरी कर रहे सफल अभ्यर्थियों में हड़कंप है. न जाने कब किस पर गिरफ्तारी की गाज गिर जाए.
इसलिए कि पूर्व में जेपीएससी की परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच के दौरान गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने सीजीएल के बारे में कई अहम जानकारी सीआईडी को दी है.
इधर सीजीएल की परीक्षा लेने वाली वेबेल कंपनी से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को अन्य कई अहम जानकारी मिली है.
