रांची- स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़ी नियुक्ति में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रहे वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन की शनिवार को ऑनलाइन सुनवाई हुई.
सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता वाले आयोग के समक्ष झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में सरकार द्वारा तैयार की गई विषयवार और कोटिवार संशोधित स्टेटवाइज मेरिट लिस्ट कमीशन को उपलब्ध करा दी गई है.
सरकार ने बताया
राज्य सरकार की ओर से भी आयोग को बताया गया कि मामले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं.
जेएसएससी द्वारा अभ्यर्थियों से संबंधित उपलब्ध कराए गए डेटा के आधार पर सरकार ने अपना शपथपत्र भी दाखिल कर दिया है. इस पर आयोग ने कहा कि जेएसएससी की ओर से उपलब्ध कराई गई संशोधित स्टेटवाइज मेरिट लिस्ट प्रार्थियों को नेट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी.
चार अक्टूबर को अंतिम सुनवाई
सुनवाई के बाद आयोग ने स्पष्ट किया कि मामले की अंतिम सुनवाई चार अक्तूबर से झारखंड हाईकोर्ट के पुराने भवन में शुरू होगी. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, अधिवक्ता राजेश कुमार, अधिवक्ता अमृतांश वत्स समेत अन्य अधिवक्ताओं ने ऑनलाइन माध्यम से कमीशन के समक्ष अपना पक्ष रखा। हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मीना कुमारी एवं अन्य से जुड़ी 257 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन गठित किया था.
अदालत ने आयोग को शिक्षक नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों की जांच कर तीन माह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था.
