जामताड़ाः जामताड़ा जिले के नारायणपुर अंचल में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में फर्जी जाति और आवासीय प्रमाणपत्र का मामला सामने आया है. इस मामले में एक कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक (वीएलई) समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.
दावा-आपत्ति सुनवाई के दौरान सत्यापन के क्रम में तीन प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे. इसके बाद उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देश पर नारायणपुर सीओ देवराज गुप्ता ने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस मामले में नारायणपुर थाना में कांड संख्या 169/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
जानकारी के मुताबिक सिद्दीक मियां, मजीदन बीवी और शमीम शेख की ओर से प्रस्तुत जाति व आवासीय प्रमाणपत्रों के सत्यापन में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाई गई. अंचल कार्यालय की ओर से तीनों को नोटिस भेजकर प्रमाणपत्रों के संबंध में जानकारी मांगी गई. इस दौरान दो आवेदकों ने लिखित रूप से बताया कि उनके आवेदन के आधार पर वीएलई हसन शेख ने प्रमाणपत्र बनाकर दिया था. वहीं, शमीम शेख ने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया.
इसके बाद सीओ ने वीएलई हसन शेख व शमीम शेख के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. डीसी आलोक कुमार ने कहा कि एसआईआर में किसी भी प्रकार की अनियमितता, फर्जी दस्तावेज या गलत प्रमाणपत्र के इस्तेमाल को गंभीरता से लिया जाएगा. दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि एसआईआर में वैध दस्तावेज ही प्रस्तुत करें.
