रांचीः केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति के आह्वान पर झारखंड के पांच जिलों में बंद का असर दिखने लगा है. गुमला और खूंटी में सुबह से बंद प्रभावकारी है. जगह-जगह प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे हैं. कई सड़कों को जाम कर दिया गया है. कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.
हालांकि रांची जिले में बंद का बहुत असर नहीं है. और जनजीवन सामान्य है.
समिति ने नौकरियों में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने, आबादी के हिसाब से राजनीति में समुचित भागीदारी, सा कानून में अधिकार और आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल दिए जाने की मांग को लेकर गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची और लोहरदगा में मंगलवार को बंद बुलाया है.
गुमला में बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. सुबह से ही बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग सड़कों पर उतर आए और कई प्रमुख चौक-चौराहों तथा मार्गों को जाम कर दिया है. गुमला शहर के अलावा कस्बाई इलाकों में दुकानें बंद हैं, बसों और अन्य यात्री वाहनों के पहिए थम गए हैं और शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।. जिले से गुजरने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-43 और राष्ट्रीय राजमार्ग-143 पर भी कई जगह जाम कर दिया गया है.
खूंटी में भी बंद का असर
खूंटी में बंद का व्यापक असर है. एनएच-20 समेत प्रमुख चौक-चौराहां को बंद समर्थकों ने जाम कर दिया है. सुबह से ही खूंटी शहर की अधिकतर दुकानं बंद रहीं.
बंद समथर्कां ने राष्ट्रीय राजमार्ग -20 पर हूटार चौक के पास सड़क जाम कर दिया है. वहीं, नेताजी चौक पर भी सड़क पर आवागमन बाधित किया गया. सुबह में ही समिति के पदाधिकारी और सदस्य नेताजी चौक पर जुटे थे. इसके बाद शहर और आसपास के इलाकां में बंद को लेकर लोगों से सहयोग की अपील करने निकले. बंद को लेकर सोमवार शाम खूंटी क्लब से मशाल जुलूस निकाला गया था.
छोटानागपुरिया तेली उत्थान समाज के संरक्षक किशोर गंझू जिलाध्यक्ष शिववनारायण गंझू, मोटिया मजदूर संघ के अध्यक्ष सयूम अंसारी समेत बड़ी संख्या में कायर्कता बंद कराने निकले हैं.
लोहरदगा और समिडेगा से मिली जानकारी के मुताबिक बंद का मिला-जुला असर है. जनजीवन सामान्य है. और कई इलाकों में दुकानें खुली हैं. सरकारी संस्थानों, बैंकों में कामकाज निपटाये जा रहे हैं.
