रांची: झारखंड की राजधानी रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के गेट पर प्रशासन द्वारा लगाए गए ताला लगाए जाने और विधि-व्यवस्था के नाम पर की जा रही कार्रवाई पर आपत्ति जाहिर करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को पत्र लिखा है.
इसके साथ ही महापौर ने कहा है कि स्टेडियम और पार्क नगर निगम की संपत्ति है और नागरिकों की सुविधा को देखते हुए इसके गेट को खोलना या बंद करना निगम के अधिकार क्षेत्र का विषय है.
उन्होंने 5 से 21 अक्टूबर तक 49 दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए हैं.
उन्होंने पत्र में कहा है कि वह शहर की जनता द्वारा चुनी हुई महापौर हैं और जनता की मांग पर पार्क खोलना उनका दायित्व है. महापौर के अनुसार, पार्क का गेट उनके द्वारा अधीनस्थ पदाधिकारियों और कर्मचारियों से विचार-विमर्श के बाद खोला गया था. उन्होंने गेट का ताला तोड़े जाने की बात से भी दो टूक असहमति जताई है.
मेयर ने पत्र में कहा कि स्टेडियम का गेट केवल मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए सुबह 5 से 8 बजे तक खोला गया था. इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और खिलाड़ियों को स्वास्थ्य लाभ देना था.
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सुबह पार्क में टहलना अब अपराध है?
उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पार्क का स्वामित्व और रख-रखाव नगर निगम के अधीन है. नागरिक सुविधा के लिए गेट खोलना या बंद करना निगम और मेयर का प्रशासनिक अधिकार है. यदि सुरक्षा या विधि-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या थी तो जिला प्रशासन को नगर निगम या उनसे संपर्क कर सुझाव देना चाहिए था.
मेयर के अनुसार स्टेडियम के गेट पर करीब 40 दिनों से ताला लगा हुआ था. इसके बावजूद स्थानीय लोग मजबूरी में दीवार फांदकर मॉर्निंग वॉक करने जाते थे. इससे किसी व्यक्ति के दुर्घटनाग्रस्त होने या चोट लगने की आशंका बनी रहती है.
उन्होंने उपायुक्त से नागरिकों के हित को देखते हुए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पार्क खोलने की दिशा में संज्ञान लेने के साथ उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है.
क्या हुआ था पांच अक्टूबर को
रांची की मेयर रौशनी खलखो ने सोमवार की सुबह जयपाल सिंह स्टेडियम का कथित तौर ताला तोड़ दिया, जो पिछले 47 दिनों से बंद पड़ा था.
ताला तोड़ने के बाद वे दर्जनों लोगों के साथ स्टेडियम के अंदर गईं और मॉर्निंग वॉक किया.
इस दौरान जब वहां तैनात दारोगा ने उनसे ताला खोलने की वजह और उनकी हैसियत पूछी, तो मेयर ने अपनी पहचान रांची की मेयर के रूप में बताई. इस पर दारोगा ने कहा कि आप ही लोग इसके मालिक हैं, जो करना है कीजिए, और तुरंत इसकी सूचना अपने सीनियर अधिकारियों को दी.
सुबह लगभग 6 बजे खोला गया यह स्टेडियम करीब तीन घंटे बाद दोबारा बंद कर दिया गया.
इस पूरे मामले पर रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि स्टेडियम में पहले से ही निषेधाज्ञा लागू था. मेयर और उनके साथियों द्वारा जबरन ताला तोड़कर अंदर घुसने के कारण अब इस मामले में कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाएगी.
