पटनाः बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद पंचायत में मंगलवार की रात्रि नाव पलटने से डूबे 13 बच्चों के शव निकाल लिए गए हैं. जबकि छह लोगों को बचाया गया है.
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख प्रकट करते हुए अलग-अलग मुआवजे की घोषणा की है. राज्य सरकार मतृक के परिजनों को चार- चार लाख रुपये तथा पीएमएनआरएफ की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
राज्य सरकार ने प्रशासन को राहत-बचाव कार्य तेजी से पूरा करने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं.
दूसरी तरफ नाव हादसे को लेक सुरक्षा और एहतियात के सवाल पर कई नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं. इस हादसे से पूरे राघोपुर क्षेत्र में मातम है. बच्ची की मौत के बाद परिवारों में कोहराम मचा है.
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मीडिया को बताया है, “13 लोगों की मृत्यु हुई है और 6 को NMCH में लाया गया है. यहां 3 बच्चे भर्ती हैं जिनका इलाज चल रहा है. जांच के आदेश दिए गए हैं.”
नाव पलटने की घटना पर वैशाली की डीएम ने वर्षा सिंह ने बताया है, “.सूचना मिलते ही प्रशासन के द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही थी. इसी क्रम में तेरह शव बरामद किए गए हैं, जिसमें 9 शव बच्चियों के हैं और 4 बच्चे शामिल हैं, जो 15 वर्ष के नीचे के हैं. अन्य छह लोगों को यहां से बचा लिया गया है जिनका इलाज NMCH में हो रहा है, जिनमें दो व्यस्क और 4 बच्चे हैं. ये छह लोग सभी सुरक्षित हैं. ये नाव निजी तौर पर पंजीकृत है. जिनके नाम से है, उस संबंध में स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट आ चुकी है और इस संदर्भ में अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी.
चूक पर कार्रवाई होगी
डीएम का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से भी इस क्रम में पहले भी निर्देश दिए गए हैं कि सूर्यास्त के बाद नाव का परिचालन नहीं करना है. चाहे वो कोई भी नाव हो, निजी या सरकारी. इसके बावजूद ये घटना हुआ है. जिनकी नाव है, जो परिचालन कर रहे थे, निश्चित तौर पर उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी लेकिन जिनकी निगरानी करने की जिम्मेदारी थी, जो पदाधिकारी इसमें जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष की मूल रूप से जिम्मेदारी है कि वो अपने तंत्र के माध्यम से और स्वयं पर्यवेक्षण करके इन चीजों को रोकेंगे… ये चूक है और इसमें कार्रवाई होगी…वर्तमान में 8 नौकाएं SDRF की कार्यरत हैं. हम लोग यहां पर स्थानीय स्तर पर भी दो SDRF के स्टेशन बनाने जा रहे हैं.”
सीएम सम्राट ने कहा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा है, “वैशाली के राघोपुर में नाव हादसे में मासूमों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. इस कठिन समय में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें एवं परिजनों को यह भारी दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता (अनुग्रह राशि) दी जाएगी. राज्य सरकार ने प्रशासन को राहत-बचाव कार्य तेजी से पूरा करने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं.”
पप्पू ने पूछा, जिम्मेदार कौन
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस हादसे पर कहा है, नाव डूबने की घटना के लिए जिम्मेदार कौन है? हर बार घटना होती है, लोग मरते हैं, लेकिन व्यवस्था बनाने के लिए जिम्मेदार वरीय अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती. आखिर क्यों?
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शोक प्रकट करते हुए एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया है. साथ ही लिखा है “राघोपुर दियारा क्षेत्र में नाव पलटने की दुर्भाग्यपूर्ण खबर प्राप्त हुई. डूबने वालों में से अधिकांश बच्चे. ईश्वर सबको सुरक्षित रखें। स्थानीय लोगों, प्रशासन और अधिकारियों से वार्ता कर राहत बचाव और उपचार कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया.”
भोज में शामिल होने के लिए जा रहे थे
नाव में सवार ग्रामीण एक दूसरे गाँव जा रहे थे, जहाँ उन्हें एक भोज में शामिल होना था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, भगतान टोला (रामपुर श्यामचंद पंचायत) में माता महारानी स्थान के पास सिंहेश्वर राय नाम के व्यक्ति के घर पर भोज का आयोजन किया गया था. क़रीब 20 लोग एक छोटी नाव में सवार होकर जा रहे थे.
