रांची: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर शराब घोटाला मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि जिस समय शराब नीति बन रही थी उसी समय मैंने मुख्यमंत्री और सरकार को पत्र लिखकर नेक्सस और गड़बड़ियों पर ध्यान दिलाया था. इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. इसका तो अर्थ यही लग रहा है कि इन लोगों के बीच उस समय कहीं ना कहीं लेन देन में कोई कम-बेसी हुई, तभी आईएएस अधिकारी विनय चौबे पर कार्रवाई हुई.
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से तो यही प्रतीत होता है कि शराब घोटेले से जुड़े मामले में विनय चौबे मोटी रकम ले लिए होंगे और उसका कथित हिस्सा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नहीं मिला होगा.
सीएम को बताना चाहिए कि जब उनको मैंने पत्र लिखा तो उन्होंने कौन सी कार्रवाई की. अगर उसी समय कार्रवाई की गई होती तो शराब में इतना बड़ा घोटाला नहीं हुआ होता.
गौरतलब है कि साल 2022 में ही बाबूलाल मरांडी ने शराब नीति को लेकर घोटाले के अंदेशा पर सरकार को पत्र लिखा था.
शुक्रवार से झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है. पहले दिन की कार्यवाही के बाद विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शीतकालीन का सत्र संक्षिप्त है. इसके बावजूद जनता की समस्याओं और सवालों को सदन में उठाया जाएगा. सरकार किस गति से काम कर रही है, यह किसी से छुपा नहीं है. विकास का पहिया रूका पड़ा है. विधि व्यवस्था, भ्रष्टाचार, अर्थव्यवस्था की जो हालत है इसके खिलाफ सदन के अंदर-बाहर भारतीय जनता पार्टी एनडीए के साथ आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी.
