रांचीः बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रही राज्य सरकार की जांच एजेंसी अपराध अनुसंधान विभाग की एसआईटी ने 10 करोड़ का मनी ट्रेल पकड़ा है.
इसके साथ ही अवैध निकासी की राशि के 1 करोड़ 98 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट को फ्रीज किया गया है.
ट्रेजरी घोटाले में एक एएसआई अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तारी के बाद जांच की गति को आगे बढ़ाते हुए एसआईटी ने यह कार्रवाई की है.
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि होमगार्ड जवान सतीश के खाते में 1.10 करोड़ और जमादार अशोक भंडारी के खाते में 1.11 करोड़ जमा हुए थे.
गुरुवार को एसआईटी ने अशोक भंडारी के आवास पर छापेमारी की, तो जमीन में निवेश समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले.
अशोक भंडारी का तेलोडीह में 4.08 डिसमिल जमीन पर तीन तल्ला मकान है. इसके अलावा तेलोडीह में एक अन्य भूखंड (4.98 डिसमिल) का दस्तावेज जांच दल को मिला है.
गौरतलब है कि बोकारो में घोटाले को लेकर पूर्व में लेखापाल कौशल पांडेय को गिरफ्तार किया गया था. अब तक यहां तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
CID ने किया है टेकअप
गौरतलब है कि झारखंड के बोकारो तथा हजारीबाग में हुए ट्रेजरी घोटाले में सरकार के आदेश पर अपराध अनुसंधान विभाग के केस टेकअप कर लिया है.
हजारीबाग में करोड़ों के घोटाले को लेकर पूर्व में कोषागार पदाधिकारी ने लोहसिंघना थाना में कांड संख्या 32/26 के तहत आठ अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
इसी तरह बोकारो में हुए घोटाले को लेकर स्टील थाना में सात अप्रैल को कांड संख्या 62/26 के तहत प्राथमीक दर्ज कराई गई थी.
ट्रेजरी से करोड़ों की अवैध राशि निकासी से जुड़े इन दोनों मामलों पर अब अपराध अनुसंधान विभाग की विशेष टीम जांच कर रही है. साथ ही अलग से केस दर्ज किया गया है.
इन कांडों के बेहतर अनुसंधान हेतु पंकज कंबोज, पुलिस महानिरीक्षक मानवाधिकार झारखंड रांची की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है.
