धनबाद: धनबाद- केंदुआडीह मुख्य मार्ग पर बुधवार को डेढ़ फीट तक सड़क के धंस जाने और गैस रिसाव के बढ़ते खतरे के बीच उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने गुरुवार को प्रभावित इलाके का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क का निरीक्षण किया, जो अग्नि और भू-धंसान से बुरी तरह प्रभावित है.
इसके बाद गैस रिसाव स्थल का निरीक्षण कर स्थिति की गंभीरता को समझा गया. केन्दुआडीह थाना में बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की कार्य योजना पर चर्चा की गई.
गौरतलब है कि बुधवार को भू- धंसान की वजह से एनएच-32 पर धनबाद से कतरास, बोकारो और रांची जाने वाली गाड़ियां अब गंसाडीह मोड़ और झरिया रोड के वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रही हैं.
धंसान के दूसरे दिन गुरुवार को पुराना महाप्रबंधक आवास की चारदीवारी टूट गई. इस जगह से गैस का रिसाव होते देखा जा रहा है.
शिफ्ट करना ही सुरक्षित विकल्प
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि प्रभावित क्षेत्र में रह रहे परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि 535 परिवारों की पहचान की गई है और सभी को बेलगड़िया में बसाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है. यहां लोगों को दो-दो फ्लैट, बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, हेल्थ सेंटर, परिवहन और कौशल विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और तुरंत बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएं.
प्रशासन ने लोगों को अलर्ट करते हुए कहा है कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव रुकने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ सकता है. आईआईटी (आईएसएम), डीजीएमएस और सिंफर जैसे संस्थानों ने भी इस पूरे इलाके को डेंजर जोन घोषित किया है. ऐसे में यहां रहना जानलेवा साबित हो सकता है.
वहीं धनबाद-बोकारो सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारण आम लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने को कहा गया है. नई सड़क के निर्माण को लेकर एनएचएआई और पथ निर्माण के इंजीनियर स्थिति का आकलन कर रहे हैं.
