रांचीः झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्य सचिव और विकास आयुक्त को पत्र लिखकर राज्य को अपने आंतरिक राजस्व स्त्रोतों को बढ़ाने की जरूरत बतायी है. इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व प्राप्ति में 15,043.17 करोड़ रुपये की कमी पर चिंता जतायी है.
वित्त मंत्री के अपने ही विभाग वाणिज्य कर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य के मुकाबले में 5101 करोड़ रुपये कम राजस्व की उगाही की गई है.
इसके अलावा माइंस रॉयल्टी में भी 3,640 करोड़ रुपये की कम वसूली दर्ज की गई है.
वित्त मंत्री ने शीर्ष अधिकारियों को लिखे पत्र में बताया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,25,666.72 करोड़ रुपये लक्ष्य के मुकाबले में 1,10, 623.72 करोड़ रुपये की राजस्व उगाही की गई है.
यानी कुल लक्ष्य के मुकाबले 15,043.17 करोड़ रुपये कम राजस्व राज्य को प्राप्त हुए.
वित्त मंत्री ने कहा है कि केंद्र पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार को 40-50 हजार करोड़ की अतिरिक्त आय की जरूरत है.
उन्होंने वाणिज्य कर, खनन विभाग, भू- राजस्व, उत्पाद, परिवहन निबंधन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं.
राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि देश की 40 प्रतिशत खनिज संपदा झारखंड में होने के बाद भी इस हिस्से से राज्य को 11,860 करोड़ रुपये की आय हो रही है. जबकि ओडिशा को करीब 50 हजार करोड़ और छत्तीसगढ़ को 16-17 हजार करोड़ मिलते हैं.
