रांचीः झारखंड प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता संजीप वर्मा ने राज्य की प्रतिष्ठित बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, बीआईटी मेसरा में झारखंड के विद्यार्थियों के लिए वर्षों से लागू स्थानीय कोटा व्यवस्था समाप्त होने पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. इसके साथ ही उन्होंने उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री से इस्तीफे का मांग की है.
उन्होंने कहा है कि सरकार सारी परिस्थितियों से वाकिफ रहने के बाद भी झारखंड के छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया है. इसके कारण राज्य के लगभग 650 छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, जिन्हें पहले स्थानीय कोटा का लाभ मिलता था.
उन्होंने कहा कि बीआईटी मेसरा में झारखंड के छात्रों के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत सीटों का लाभ इस वर्ष विद्यार्थियों को नहीं मिला. जोसा की काउंसलिंग में बड़ी संख्या में यहां के छात्र दाखिला लेने के अवसर से चूक गए हैं.
पलायन को मजबूर
अब संस्थान की सभी सीटों पर दाखिला संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (जोसा) और सेंट्रल सीट एलोकेशन बोर्ड (सीएसएबी) के माध्यम से केवल ऑल इंडिया रैंक (AIR) के आधार पर हो रहा है.
जाहिर तौर पर झारखंड के छात्रों को अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के साथ समान प्रतिस्पर्धा में भाग लेना पड़ेगा, जिससे उनके लिए प्रवेश और अधिक कठिन हो जाएगा. इससे राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अन्य राज्यों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर हुए हैं.
गलत नीतियों की वजह से
संदीप वर्मा ने कहा कि देशभर में इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया चल रही है और JoSAA काउंसलिंग के माध्यम से यह स्पष्ट हो चुका है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण झारखंड के छात्र अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं. पहले जिन छात्रों को लगभग 84 हजार रैंक पर प्रवेश का अवसर मिल जाता था, उन्हें अब 53 हजार रैंक के भीतर आना पड़ रहा है. यह राज्य के मेधावी विद्यार्थियों के साथ अन्याय है.
उन्होंने कहा कि जब इस विषय पर संस्थान से सवाल पूछा जाता है तो वह सरकार की ओर संकेत करता है, जबकि सरकार छात्रों को केवल भ्रमित और ठगने का काम कर रही है.
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें तथा झारखंड के छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं.
