सरायकेलाः आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हरेलाल महतो ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.
इस बाबत उन्होंने केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो को पत्र भेज दिया है. 2024 के विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने वाली आजसू पार्टी के लिए हरेलाल महतो का इस्तीफा बड़ा झटका माना जा रहा है. कोल्हान में और खासकर कुर्मियों के बीच पार्टी का वे बड़ा चेहरा था.
चांडिल से जारी त्यागपत्र में हरेलाल महतो ने पार्टी नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के प्रति आभार जताया है.
उनके साथ ही ईचागढ़, कुकड़ू, नीमडीह और चांडिल प्रखंड के आजसू अध्यक्षों ने भी सामूहिक रूप से अपने पदों और पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है. एक साथ हुए इन इस्तीफों के बाद क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है.
कयासों का दौर
हरेलाल के इस्तीफे के साथ ही राजनीतिक गलियारे में उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हुई हैं. हालांकि अभी तुरंत उन्होंने पत्ते नहीं खोले हैं, और न ही आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा की है, पर इसकी चर्चा जोरों पर है कि 11 अक्टूर को वे प्रदेश बीजेपी के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामेंगे.
हाल के दिनों में बीजेपी के नेताओं से उनकी नजदीकियां बढ़ी हैं. पार्टी से इस्तीफा के बाद फेसबुक पेज पर उन्होंने एक तस्वीर साझा की जिसमें गले पर भगवा गमछा डाले दिख रहे हैं.
बीजेपी के एक बड़े पदाधिकारी ने बताया कि हरेलाल महतो का बीजेपी में शामिल होना तय है. सब कुछ पहले से तय हो चुका है. अब जो भी तारीख तय हो.
जानकारी के मुताबिक हाल ही में सुदेश कुमार महतो ने उन्हें रांची बुलाकर बात की थी. साथ ही पार्टी की ओर से उन पर कई किस्म के दबाव बनाये जा रहे थे. विभिन्न स्तरों पर मान-मनौव्वल भी चला. लेकिन हरेलाल नहीं माने.

आजसू के प्रति जताया आभार
त्यागपत्र में हरेलाल महतो ने लिखा है कि आजसू पार्टी के साथ उनका जुड़ाव हमेशा सम्मान और गौरव का विषय रहा. पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताते हुए 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में ईचागढ़ से चुनाव लड़ने का अवसर दिया.
इसके अलावा राज्य के विभिन्न विधानसभा उपचुनावों में उन्हें प्रभारी और सह-प्रभारी के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी मिलीं. पार्टी में रहते हुए मिले मार्गदर्शन, सम्मान और सहयोग के लिए उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उन्होंने आभार जताया है. साथ ही कहा है कि पार्टी से मिले अनुभव और मार्गदर्शन का भविष्य में जनहित और राज्यहित में उपयोग करने का प्रयास करते रहेंगे.
उन्होंने स्पष्ट किया कि आजसू पार्टी और उसके पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति उनका सम्मान हमेशा बना रहेगा.

2019 और 2024 में ईचागढ़ से चुनाव लड़े
गौरतलब है कि हरेलाल महतो पिछले दो विधानसभा चुनावों में ईचागढ़ सीट से आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं. लेकिन चुनाव नहीं जीत सके.
वर्ष 2019 में उन्होंने 38,836 वोट हासिल किए थे. जबकि 2024 के विधानसभा चुनाव में भी आजसू ने उन्हें ईचागढ़ से अपना प्रत्याशी बनाया था. इस चुनाव में उन्हें 51,029 वोट मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे.
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र सुदेश महतो के लिए महत्वपूर्ण रही है. यह सीट रांची संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है. 2005 से ही सुदेश महतो यहां उम्मीदवारी देते रहे हैं. लेकिन अब तक आजसू जीत हासिल नहीं कर सकी है. हरेलाल महतो को पार्टी का मजबूत चेहरा के तौर पर देखा- माना जाता रहा है. माना जा रहा है कि 2024 में पार्टी की हार के बाद हरेलाल महतो ने ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के समीकरणों को परखते हुए आजसू छोड़ना मुनासिब समझा है. इसलिए कि ईचागढ़ चुनाव में लंबे समय से जेएमएम- बीजेपी आमने सामने होती रही है.
हालांकि आजसू अभी एनडीए का घटक दल है और 2024 के चुनाव में बीजेपी ने यह सीट आजसू के लिए छोड़ी थी. इससे पहले लोहरदगा से चुनाव लड़ चुकीं पूर्व विधायक और कद्दावर नेता कमलकिशोर भगत की पत्नी नीरू शांति भगत ने आजसू छोड़ी थी.
