रांचीः जमशेदपुर पश्चिम से जदयू के विधायक सरयू राय ने रिम्स के निदेशक डॉ राजकुमार के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
सोशल मीडिया के एक्स पर उन्होंने कहा है, “अनुसूचित जाति के योग्य चिकित्सक को विभाग झुका नहीं सका, तो शासी निकाय की पहल बैठक से ही परेशान करना शुरू किया. हर बार उच्च न्यायालय ने सरकार के आदेश पर रोक लगाया. अंततः सरकार ने सीआइडी भेज दिया, जिससे आहत होकर निदेशक ने त्यागपत्र दे दिया.”
इस पूरे मामले पर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा है. उनका कहना है या मामला रिम्स की साख और झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर विषय है.
कथित पत्र की चर्चा
इस बीच रिम्स निदेशक के पद पर रहते हुए डॉ राजकुमार के एक कथित पत्र को लेकर राजनीतिक तथा प्रशासनिक गलियारे में कई किस्म की चर्चा है, जिसे उन्होंने हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री को भेजा था.
इस पत्र में डॉक्टर राजकुमार ने बताया था कि साल 2024 में पदभार संभालने के बाद उन्हें मरीज सुविधाओं का विस्तार, जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार और नए पाठ्यक्रम शुरू करने जैसे कई महत्वपूर्ण काम किये. इसके बावजूद शासी निकाय की बैठकों में उनपर अलग-अलग तरीके से कई दवाब बनाए गए.
डॉक्टर राजकुमार ने हर बार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और हर बार राहत मिली. सरकार के कारण बताओ नोटिस का भी दस्तावेज के साथ जवाब दिया.
हालांकि डॉ राजकुमार ने इस पत्र को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की. गुरुवार, 25 जून को उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया. इसके अगले दिन 26 जून को उन्होंने सरकारी बंगला भी खाली कर दिया. और वे अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश के लखनऊ लौट गए हैं.
