नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
इससे पहले उन्होंने कैबिनेट की बैठक की. फिर लोक भवन में गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटार्यड) को अपना इस्तीफा सौंपा.
नीतीश कुमार ने इस्तीफे के बाद एक्स पर जारी संदेश में 2005 से अब तक के विकास कार्यों का जिक्र किया है.
उन्होंने कहा कि कानून का राज और सभी वर्गों का विकास उनकी प्राथमिकता रही. उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक सेवा करने के बाद पद छोड़ने का फैसला खुद लिया है.
इसके साथ ही सभी का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका ‘पूरा सहयोग और मार्गदर्शन’ रहेगा.
इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यकाल को भी याद किया.
नीतीश कुमार ने कहा, “24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी. तब से राज्य में क़ानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं.”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सभी तबकों का विकास किया है, फिर चाहे वो किसी भी धर्म, जाति, समुदाय या वर्ग का हो.
उन्होंने यह भी कहा, “हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो. महिलाओं और युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है.”
नीतीश कुमार मार्च में बिहार से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. 10 अप्रैल को उन्होंने राज्यसभा के सांसद पद की शपथ भी ले ली है.
