पलामूः पलामू के पंडवा प्रखंड के सिक्का कला गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की कुछ दिनों के अंतराल में हुई मौत के मामले में सरसों तेल की जांच में हानिकारक रसायन आर्गेमोन के बीज की मिलावट की पुष्टि हुई है.
स्वास्थ्य विभाग ने मृतक परिवार के घर से सरसों तेल जब्त कर जांच के लिए नामकुम, रांची स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा था.
जांच रिपोर्ट में प्रभावित परिवार के घर से जब्त किए गए सरसों तेल के नमूने में भारी मिलावट पाई गई है. प्रयोगशाला ने इस तेल को इंसानों के खाने के लिए पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया है.
गांवों में लोग आर्गेमोन को (सत्यानाशी का बीज) भी कहते हैं, जो सरसों की फलियों के बीच उगता है. सरसों की पेराई के दान आर्गेमोन के बीच भी पिस जाने से यह खतरनाक हो जाता है.
शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एतहितायन कई कदम उठाये हैं.
उन्होंने बताया कि इन सभी लोगों की जान एपिडेमिक ड्राॅप्सी (Epidemic Dropsy) नामक एक गंभीर और विषाक्त बीमारी से हुई है. यह बीमारी सरसों के तेल में आर्गेमोन (सत्यानाशी के बीज) के तेल की मिलावट के कारण फैलती है. सिविल सर्जन के अनुसार, इस बीमारी का इतिहास काफी पुराना है. पूर्व में दिल्ली, पंजाब में कई घटनाएं हो चुकी हैं.
1378 लोगों का हुआ हेल्थ सर्वे
अधिकारी ने बताया कि सिक्का गांव के 195 घरों में रहने वाले 1378 लोगों का स्वास्थ्य सर्वे कराया गया है. संदिग्ध लक्षण दिखने पर 56 लोगों के खून के नमूने लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट फिलहाल सामान्य आई है.
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी लव कुमार गुप्ता ने बताया कि विभाग की टीम सिक्का गांव पहुंचकर इस बात का पता लगाने में जुटी है कि यह मिलावटी तेल किस दुकान या कोल्हू से खरीदा गया था.
हालांकि, प्रभावित परिवार ने अब घर में बचे अन्य तेल का नमूना देने से इनकार कर दिया है, लेकिन घटना के बाद से डरे आसपास के ग्रामीणों ने स्वयं अपने घरों के सरसों तेल की जांच कराने की इच्छा जताई है. प्रशासन जल्द ही क्षेत्र की अन्य दुकानों में भी छापेमारी कर सैंपलिंग शुरू करेगा.
10 दिनों में पांच मौतें
सिक्का गांव के कुलदीप महतो के परिवार में 19 जून से 28 जून के बीच महज 10 दिनों के भीतर पांच लोगों की मौत हो गई थी.
मृतकों में स्वयं कुलदीप महतो, उनकी दो पुत्रियां (बबीता व इंदु), बड़ी बहू श्वेता और एक पुत्र शामिल हैं.
मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज (MRMCH) में पोस्टमार्टम के बाद विसरा को आगे की जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल, परिवार के सबसे छोटे बेटे सुनील और लाखों देवी का इलाज रांची के रिम्स (RIMS) में चल रहा है.
नकुल महतो के परिवार के सदस्यों ने सरसों तेल में एक ओझा के दिए हुए भभूत को खाया था. दरअसल परिवार के सदस्य जब बीमार पड़े, तो ओझा के पास चले गए. ओझा ने कथित तौर पर भभूत खाने को दिया. नकुल महतो ने सरसों की पेराई कराकर घर में रखे उसी तेल में मिलाकर भभूत खाते रहे.
