रांची: झारखंड की राजधानी रांची के एक निजी- राज अस्पताल में इलाज के दौरान 19 वर्षीय युवक की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर चिकित्सकीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं.
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पैर के फ्रैक्चर के इलाज के लिए भर्ती कराए गए युवक की उपचार में लापरवाही के कारण मौत हुई. युवक की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा 22 लाख रुपये का बिल थमाए जाने का आरोप भी लगा है.
अस्पताल में युवक के परिजनों के रोते, चीखते एक वीडियो पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है. उन्होंने एक्स पर रांची के उपायुक्त से इस मामले में जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है.
सीएम के आदेश के बाद रांची के उपायुक्त ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है. कमेटी में दो डॉक्टर भी शामिल हैं. कमेटी ने स्पताल पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है.
लातेहार के युवक का इलाज
लातेहार जिले के निवासी 19 वर्षीय राजू कुमार रंजन 24 मई को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. दुर्घटना में उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ था. इलाज के लिए उन्हें रांची स्थित निजी राज अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने आवश्यक चिकित्सकीय सावधानियां नहीं बरतीं. उनका कहना है कि दो से तीन दिनों तक घाव की नियमित ड्रेसिंग नहीं की गई, जिससे संक्रमण तेजी से फैल गया और उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. उनका आरोप है कि यदि समय पर समुचित इलाज और देखभाल की जाती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी.
अस्पताल का इनकार
इधर राज अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में किसी किस्म की लापरवाही से इनकार किया है. प्रबंधन ने कहा है कि समुचित इलाज किया गया था. लेकिन संक्रमण तेजी से फैला और मरीज को बचाया नहीं जा सका. अस्पताल ने 22 लाख रुपये मांगे जाने से बी इनकार किया है.
स्वास्थ्य मंत्री ने भी जांच के दिए निर्देश
इस बीच स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विभागीय सचिव को इस मामले में जांच कराने को कहा है एक्स पर उन्होंने कहा है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाप कार्रवी होगी.
