रामगढ़ः झारखंड में रामगढ़ जिले की पुलिसने अपराध नियंत्रण को सशक्त बनाने, अपराधियों की प्रभावी निगरानी और तेजी से मामलों के निपटान के लिए रामगढ़ जिले में प्रौद्योगिकी आधारित पहल शुरू की है.
रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि उ इसके तहत 36 सदस्यीय अपराध रोकथाम एवं जांच इकाई का गठन किया गया है. साथ ही आरोपियों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने और उनकी निगरानी के लिए ‘डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल’ (डीसीएमपी) भी विकसित किया गया है.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक जनवरी, 2021 से 31 मार्च, 2026 के बीच जिन 1,971 अपराधियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं और उनकी सूची वाली एक पुस्तिका भी तैयार की गई है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह पुस्तिका जिले में हत्या, संगठित अपराध, अवैध हथियारों के इस्तेमाल, स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के उल्लंघन, अवैध शराब के कारोबार, डकैती, लूट, छिनैती, जबरन वसूली तथा संपत्ति से जुड़े अन्य अपराधों की रोकथाम में सहायक होगी.
उन्होंने बताया कि नवगठित अपराध रोकथाम एवं अनुसंधान शाखा में रामगढ़ और पतरातू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सर्कल इंस्पेक्टर तथा जिले के सभी थाना प्रभारी शामिल हैं.
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराध रोकथाम एवं अनुसंधान शाखा की बैठक प्रत्येक पखवाड़े आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी.
