रांचीः अलग-अलग सवालों को लेकर धनबाद से बीजेपी के सांसद ढिलू महतो और निरसा के माले विधायक अरूप चटर्जी के बीच कई दिनों से जारी बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप के बीच गैंगस्टर प्रिंस खान के एक मैसेज ने नया मोड़ दे दिया है. प्रिंस खान ने यह मैसेज माले विधायक अरूप चटर्जी को भेजा है. प्रिंस खान ने अरूप चटर्जी को पैसे देने और मामला मैनेज करने के लिए सिर्फ 24 घंटे की मोहलत दी है.
कारोबारियों और पुलिस, तथा राजनेताओं को धमकी देने वाले प्रिंस खान ने दहशत फैलाने के लिए धमकी भरे मैसेज के साथ ही अंधाधुंध गोली चलाते हुए एक कथित वीडियो भी विधायक को भेजा है. इस बीच माले विधायक ने सपकार से सुरक्षा की मांग की है. माले के झारखंड में दो विधायक हैं. दोनों सरकार को समर्थन दे रहे हैं.
व्हाट्सएप वॉइस नोट
शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे मासस (एमसीसी) नेता व विधायक अरूप चटर्जी को व्हाट्सएप वॉइस नोट और मैसेज भेजकर जान से मारने की धमकी दी है. प्रिंस खान ने अरूप चटर्जी को पैसे देने और मामला मैनेज करने के लिए सिर्फ 24 घंटे का वक्त दिया है.
24 घंटे में रिजल्ट देंगे
विधायक अरूप चटर्जी के निजी मोबाइल नंबर पर शुक्रवार दोपहर ठीक 12 बजे +27 61 373 7683 नंबर से मैसेज और कॉल आया, जिसके नीचे ‘फोन नंबर फ्रॉम साउथ अफ्रीका’ (South Africa) लिखा हुआ था. मैसेज में लिखा था “सुन ले रे अरूप चटर्जी, मैं बोल रहा हूं प्रिंस खान दुबई से. हमको भी पैसा चाहिए नहीं तो दोबारा कॉल मैसेज नहीं करेंगे. 24 घंटा में रिजल्ट देंगे, और सुना कोयला का काम कैसे चल रहा है. रिप्लाई देगा या गोली खाएगा?”
वॉइस मैसेज में खुली चुनौती
टेक्स्ट मैसेज के साथ ही गैंगस्टर ने अरूप चटर्जी को एक वॉइस नोट (Voice Note) भी भेजा है, जिसमें वह पुलिस और प्रशासन को खुली चुनौती देता सुनाई दे रहा है. वॉइस मैसेज में प्रिंस खान कह रहा है “प्रशासन को बोल दो, नंबर बंद कर दो या ब्लॉक कर दो. नंबर बंद या ब्लॉक करने से तुम तो बचेगा नहीं. क्लियर बोल देना कि देना है या नहीं देना है. मारेंगे तो हम ही. क्लियर बोल देना, देना है कि नहीं देना है. नहीं देना है तो क्लियर बोल देना. दोबारा फोन मैसेज नहीं करेंगे. सीधा रिजल्ट देंगे. मैनेज करो, बात करो, कम-बेसी करके मैनेज करो और बात खत्म करो.”
पुलिस महकमा अलर्ट
विदेशी नंबर से आए इस धमकी भरे कॉल, रंगदारी के मैसेज और फायरिंग के वीडियो को लेकर विधायक अरूप चटर्जी की ओर से पुलिस को सूचित किया गया है. धनबाद पुलिस की टेक्निकल सेल और अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए नंबर की जांच और सुरक्षा में जुटे हैं.
