रांचीः रांची रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए चार वर्षीय बच्चे को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है. बच्चो को उठाने में धनबाद और साहिबगंज के तीनपहाड़ से जुड़े पेशेवर गिरोह का हाथ था. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया है.
पूरे मामले का पुलिस जल्दी ही आधिकारिक तौर पर खुलासा करेगी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि तफ्तीश में यह जानकारी मिली है कि बच्चे को उठाने में अंतर्जिला पेशवर गिरोह का हाथ था.
इस मामले में रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी.
छत्तीसगढ़ का बच्चा
गौरतलब है कि 24 सितंबर की सुबह छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर की निवासी दिलमेत रजवाड़े अपने दो बच्चों के साथ रांची पहुंची थीं. रेलवे स्टेशन के एस्केलेटर के पास बच्चों और सामान को छोड़कर वह किसी बस के बारे में पता कर रही थीं. इसी दौरान उनका चार साल का बेटा विवान गायब हो गया.
पुलिस को इस घटना की जानकारी दी गई. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज निकाले गए. फुटेज में हाफ पैंट-टी शर्ट पहना एक संदिग्ध बच्चे को ले जाते दिखा.
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ आगे की तफ्तीश तेज की. पुलिस को पता चला कि पेशेवर गिरोह का हाथ है.
देर रात धनबाद में तफ्तीश
टोह लेती पुलिस की टीम धनबाद पहुंची. रांची पुलिस ने धनबाद की पुलिस और आरपीएफ की टीम के साथ संभावित ठिकानों को खंगाला और कई छापे मारे. इसी क्रम में एक संदिग्ध को धनबाद रेलवे स्टेशन के समीप से गिरफ्तार किया गया. उससे मिली जानकारी के बाद साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से अन्य चार अभियुक्तों को पकड़ा गया. और बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है.
