मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली में हुए सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच जन सुराज के प्रमुख और बिहार विधानसभा सदस्य प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ‘बिहार में सरकारी पैसे से वोट ख़रीदे गए और चुनाव आयोग ने इसमें मदद की.’
बिहार के सीतामढ़ी दौरे पर गए प्रशांत किशोर ने कहा, “समाज का एक बड़ा वर्ग पिछले 8 से 10 सालों में चुनाव आयोग के कामकाज और चुनाव कराने के तरीके से असंतुष्ट रहा है. यह सिर्फ ज्ञानेश कुमार का मामला नहीं है, बल्कि पूरी चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा है.”
उन्होंने कहा, “मतदाता सूची तैयार करना, फॉर्म 6 और 7 में बदलाव, एसआईआर के जरिए मतदाताओं के नाम हटाना, चुनाव की तारीखें तय करना, आदर्श आचार संहिता लागू करना, मतगणना में कथित गड़बड़ियां और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति शामिल हैं. इन सभी प्रक्रियाओं में ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग और उसके अधिकारी सत्ताधारी पार्टी की मदद कर रहे हैं.”
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “आपने बिहार में देखा कि वोटिंग के दो दिन पहले तक सरकारी खजाने से दस दस हज़ार रुपये देकर, जनता के पैसे से ही जनता का वोट ख़रीदा गया है और एक दो नहीं बल्कि डेढ़ करोड़ वोट ख़रीदा गया.”
“चुनाव आयोग उसमें मददगार रहा और आज स्थिति ये है कि बिहार का खजाना खाली है. ऐसे लोग गद्दी पर बैठे हैं जो पब्लिक की चिंता नहीं कर रहे हैं, क्योंकि जब 10 हज़ार रुपये देकर वोट खरीदा है तो पब्लिक का काम क्यों करेगा?”
