रांचीः भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा परिणाम पर सवाल खड़े करते हुए सरकार से सीबीआई जांच कराने की मांग की है.
पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में प्रतुल ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में 103 पदों के लिए 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, लेकिन कट ऑफ तक जारी नहीं किया गया. दूसरी ओर बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का एक साथ कोई अता-पता नहीं रहता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में प्रतीत होती है.
उन्होंने आरोप लगाया कि रिजल्ट में आयोग तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं होना मेरिट सूची पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं अब प्रतिभा की नहीं, बल्कि अनिश्चितता, भ्रम और मानसिक प्रताड़ना की परीक्षा बन गई हैं. जेपीएससी को ‘झारखंड का भविष्य बर्बाद आयोग और ‘झारखंड परीक्षा संकट आयोग’ कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा.
ओएमआर शीट में धांधली की आशंका
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ओएमआर शीट में भी बड़े पैमाने पर धांधली की खबरें आ रही है. उन्होंने उदाहरण देते हुए एक ओएमआर शीट दिखाते हुए बताया कि इस परीक्षार्थी को पहले प्रश्न पत्र में 100 में से 48 नंबर आए हैं. दूसरे पेपर में उसे 97/100 आना चाहिए सफल होने के लिए. परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह संभव ही नहीं है। इसलिए पूरी परीक्षा जो है वह संदेह के घेरे में है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा मांग करती है कि जेपीएससी की पीटी परीक्षा को रद्द करते हुए सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा करे.
