रांचीः धरती आबा और उलगुलान के महानायक बिरसा मुंडा की पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही. बिरसा की जन्म स्थली खूंटी के उलिहातू में भी बिरसा ओड़ा में उनके वंशजों और गांव के लोगों ने पारंपरिक तौर पर उन्हें नमन किया.
इधर रांची स्थित कोकर में बिरसा की समाधि स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, रांची की मेयर रोशनी खलखो सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
सभी ने धरती आबा के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके संघर्षों तथा योगदान को याद किया. राज्य के अलग- अलग हिस्सों में भी बिरसा मुंडा की लगी प्रतिमाओं पर फूल-माला चढ़ाये जा रहे हैं. बिरसा मुंडा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी जा रही.
मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बिरसा चौक स्थित बिरसा की मूर्ति पर फूल- माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
इस मौके पर हेमंत सोरेन ने कहा है, “उलगुलान की चेतना, संघर्ष की मशाल और जन-जन के स्वाभिमान के प्रतीक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा ने हमें सिखाया कि अपनी पहचान, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष ही सबसे बड़ी शक्ति है. उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा.”
