रांचीः झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आशंका जतायी है कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा द्वारा भयादोहन, अनैतिक बाह्य दबाव और आर्थिक प्रलोभन देकर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने इस बाबत मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है.
जेएमएम नेता ने इस आंशका की वजह बताते हुए कहा है कि चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं होते हुए भी नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा सार्वजनिक रूप से पार्टी द्वारा राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार देने की घोषणा की है.
झामुमो महासचिव ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान में राज्यसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार को निर्वाचित होने के लिए प्रथम वरीयता के 28 मत चाहिए.
इस तरह, दोनों सीट के लिए कुल 56 विधायकों का मत चाहिए, जो सत्तारूढ़ गठबंधन के पास उपलब्ध है.
उन्होंने यह भी बताया है कि विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन में से झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के चार तथा भाकपा माले के दो विधायक हैं. जबकि बीजेपी के पास 21 विधायक हैं. तब चुनाव लड़ने की घोषणा आशंका को बढ़ाती है.
इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयुक्त से इसे लेकर केंद्रीय एवं राज्य की एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है.
